संस, हजारीबाग : जिला प्रशासन ने दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए कोनार पुल श्मशान घाट के समीप फेंके गए पीपीई किट को नष्ट कर दिया है। मजिस्ट्रेट के देखरेख में शुक्रवार रात संक्रमित मरीज के दाह संस्कार किया गया था। दाह संस्कार में शामिल टीम ने मौके पर ही पीपीई किट को नष्ट करने की जगह उसे खूले में फेंक दी थी। खुलें में फेंके गए किट को लेकर संक्रमण फैलने की आशंका और जिला प्रशासन की लापरवाही को लेकर दैनिक जागरण ने इसे प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। रविवार के अंक में प्रकाशित खबर के बाद पूरे दिन जिला प्रशासन के पदाधिकारी एक दूसरे पर इसकी जिम्मेवारी डालते रहे। जागरण ने भी पूरे शिद्दत से इसे लेकर पड़ताल की, उपायुक्त को सबूत भेजे गए। मजिस्ट्रेट को जानकारी दी गई और इससे होने वाले संक्रमण को बताया गया। आनन फानन में उपायुक्त के निदेश पर संध्या पांच बजे वार्ड ब्याय राकेश कुमार ने पीपीई किट को एकत्रित कर नष्ट कर दिया। ज्ञात हो कि इचाक के मंगुरा निवासी एक युवक को कोरोना संक्रमण के बाद इलाज के आइसोलेशन वार्ड में गुरुवार को मौत हो गई थी। अधूरी तैयारी में पहले इसे शुक्रवार को खीरगांव स्थित श्मशान घाट दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। परंतु नजदीक में सघन आबादी और विरोध के बाद शव को वापस सदर अस्पताल ले जाया गया था। बाद में देर रात चुपचाप एनएच 33 के किनारे जिला प्रशासन ने शव को दाह संस्कार कर दिया। परंतु यहां भी पीपीई किट को नष्ट करने लापरवाही बरती गई। पीपीई किट को खुले में फेंक दिया।

Posted By: Jagran

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