केरेडारी : थाना क्षेत्र के मनातू व लाजिदाग जंगल से कोयला माफियाओं द्वारा अवैध तरीके कोयला का कारोबार किया जा रहा है। इसको देखने वाला कोई नहीं है।बताया जाता है कि मनातू और लाजीदाग जंगल मे पोखरिया खदान बनाकर प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 ट्रैक्ट अवैध कोयला दूसरे प्रखंडों में बेचा जा रहा है। उक्त खदान मनातू से तीन किलोमीटर पश्चिम व डुमरी से एक किलोमीटर पूरब धमधमिया, सुअर ठेला, सत्कुण्डवा जंगल मे तथा लाजिदाग बस्ती के करीब जंगल मे धड़ल्ले से कोयला खनन जारी है। सूत्र बताते है कि इस कोयले की अवैध धंधे को मनातू गांव के एक पारा शिक्षक,एक ठेकेदार व एक महिला चला रही है। उक्त महिला थाना से सम्पर्क रखती है और वही केरेडारी थाना पहुँच कर इस अवैध धंधे के एवज में प्रति माह मोटी रकम पहुचाया करती है। बताया जाता है कि यहां 24 घण्टा कोयले की खुदाई स्थानीय मजदूरों से 250-300 रुपये की मजदूरी पर कराया जाता है। प्रति ट्रैकटर 4200 रुपये में कोयला खदान के पास लोड कर बेचा जाता है। सभी कोयला लोड ट्रैक्टर पीरी जंगल के रास्ते सिमरिया, पत्थलगड्डा, कटकमदाग, कटकमसांडी थाना क्षेत्र के गांवों में ईंट भट्ठा तक पहुँचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कोयला कारोबार माफियाओं को प्राश्रय केरेडारी थाने से दी जा रही है। प्रत्येक रात लगभग एक सौ टन कोयले की अवैध उत्खनन व ट्रांसपोर्टिंग से जहां एक ओर माओवादी व टीएसपीसी सं़गठन को मोटी रकम की चंदा मिल रहा है वहीं सरकार के लाखों रुपया राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। बड़े पैमाने पर जंगल भी उजाड़े जा रहे हैं।वन विभाग भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस