केरेडारी : प्रखंड के दस पंचायतों में पिछले कई दिनों से मनरेगा योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय, पंचायतस्तरीय दलों के द्वारा किया जा रहा था। इसके उपरांत मंगलवार को प्रखंड सभागार में प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई की गई।

जनसुनवाई में सभी दस पंचायतों बारीयातू, हेवई, मनातू, गर्रीकलां, पेटो, केरेडारी, बेंगवरी, पांडू, पचडा और बेलतू का नाम शामिल है। इन पंचायतों में संचालित मनरेगा योजनाओं में कई अनियमितता पाई गई। इसमें मुख्य रूप से दस्तावेजों के संधारण में कमी पाई गई। लेकिन अंकेक्षण दल पर योजना के मात्र दस्तावेज को हीं खंगाला गया। योजना की गुणवत्ता पर एक भी सवाल नहीं किया गया। मानो अंकेक्षण दल का कहना हो कि योजना की गुणवत्ता नहीं बल्कि दस्तावेज हीं मुख्य हो। वहीं उक्त पंचायत पांडू जनसुनवाई की भेंट चढ़ गया। क्योंकि पांडू पंचायत के सात योजनाओं की पंजी नहीं मिली। 64 योजनाओं के दस्तावेजों का संधारण भी नहीं किया गया था। इसके लिए पंचायत स्तरीय अंकेक्षण दल ने पंचायत सेवक महेश राम 500 रूपये एवं रोजगार सेवक अजय पांडेय पर भी 500 रूपये का जुर्माना लगाया गया। प्रखंड स्तर के जन सुनवाई में सभी दस्तावेजों का उचित संधारण करने का निर्देश दिया गया। जबकि मनातू पंचायत के 129 योजनाओं में कमी दिखी। यहां 77 योजनाओं में ग्राम सभा का प्रति नहीं, 40 योजनाओं में प्राशासनिक स्वीकृति नहीं मिली, 36 योजनाओं में एमबी नहीं, जबकि 78 योजनाओं का निर्माण बिना कार्यादेश के किया गया। इसके बावजूद भी अन्य सभी पंचायतों में काफी अनियमितता पाई गई। उक्त मनरेगा के अंकेक्षण जन सुनवाई में राज्य स्तर के आंनद कुमार, जिला स्तर के भीमलाल साव, प्रखंड स्तर के नरेश कुमार, पंचायत स्तर के संतोष कुमार, प्रमुख नीतू कुमारी, बीस सूत्री अध्यक्ष उपेंद्र ¨सह, सीओ सह बीडीओ मांदेव प्रिया, सांसद प्रतिनिधि बैजनाथ तिवारी, विधायक प्रतिनिधि सुरेश साव, बीपीओ प्रणव कुमार, मुखिया राकेश रंजन दुबे, तापेश्वर साव, राजकिशोर यादव, सबिता देवी, जितनी देवी, फुलकुमारी देवी, रामेश्वर साव, द्वारीका गंझु, भुवनेश्वर महतो, अनिता देवी, अमित गुप्ता, जागेश्वर साव, जेई संजय दास समेत सभी संबंधित पंचायत सेवक, रोजगार सेवक और सैकड़ों प्रखंडवासी उपस्थित थे।

By Jagran