जासं, हजारीबाग। खिरगांव खान रोड निवासी नटवर उर्फ नट्टू ने लेनदेन के विवाद में अपने ही दोस्त दीपक सिंह की हत्या कर दी। इस सनसनीखेज घटना ने जहां तीन दिनों से लापता दीपक सिंह की हत्या के मामले का खुलासा किया, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिया। हत्या को अंजाम देकर आरोपी नटवर सिंह दो दिनों से सरेंडर करने के लिए थाने के चक्कर लगाता रहा और पुलिस उसे कभी इस थाने तो कभी उस थाने जाने की बात कहती रही।

आरोपी सोमवार रात ही हत्या करने के बाद घर पहुंचा। जानकारी मिलने के बाद उसके पिता ने भी देर रात ही पुलिस को घटना की जानकारी दे दी थी। दो दिनों से हत्या कर सरेंडर करने के लिए थाने-थाने घूम रहे आरोपी नटवर उर्फ नट्टू को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि नटवर ने सोमवार रात एक अन्य दोस्त के साथ शराब पीने के बाद हुई झड़प के बाद दीपक की हत्या कर दी थी। हत्या को हल्के में में ले रही पुलिस उस वक्त सक्रिय हो गई जब बुधवार दोपहर रामनगर पार नाला के समीप एक युवक की लाश होने की सूचना मोहल्लेवासियों ने पुलिस को दी।

सदर पुलिस से लेकर बड़ा बाजार पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश के बावजूद हत्यारे से बुधवार के पहले तक हत्या का विवरण तक नहीं लिया गया था। सरेंडर करने आए युवक को हाजत में रखने की जगह पुलिस ने सदर थाना से कहीं दूर रखा है। इस मामले में सदर थाना का प्रभार संभाल रही स्वर्णलता कुजूर ने कुछ भी कहने से इन्कार किया है।

नाराज डीएसपी ने लगाई पदाधिकारियों को फटकार

हत्यारे द्वारा संरेडर करने की बात और थाने की चक्कर काटने की सूचना को लेकर नाराज डीएसपी मुख्यालय ने संबंधित पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। सदर अस्पताल पहुंच कर शव का जायजा लिया। बताया जाता है कि दीपक बिहार का रहने वाला था और उसके पिता धनबाद बीसीसीएल में कार्यरत हैं। हजारीबाग में अपने साढ़ू के घर रहकर वह अपनी पिकअप वैन चलाता था। दूसरा आरोपी उदील साव फरार है। उसकी लेपो रोड में मार्बल की दुकान है।

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By Sachin Mishra