जागरण संवाददाता, हजारीबाग। भैरो गोप हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अजूबा खान को उम्र कैद और दस हजार रुपये की सजा सुनाई है। 2016 में रामनवमी के मौके पर भैरो गोप को हत्यारों ने बीच सड़क पर तलवार से काट डाला था। अजूबा खान पर विभिन्न थानों में पहले से 17 मामले दर्ज हैं। अजूबा बड़ा बाजार थाना से हथकड़ी समेत फरार हो गया था।

अजूबा को 2016 में चर्चित भैरो गोप हत्याकांड में दोषी पाए जाने पर पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था। अजूबा पर सदर, बड़ा बाजार, मुफ्फसिल आदि थानों में हत्या, दुष्कर्म, चोरी और लूटपाट, मारपीट, छिनतई के 17 मामले दर्ज हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट सह जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चार दिन पहले उसे दोषी करार दिया था, गुरुवार को उसे सजा सुनाई गई। हजारीबाग में रामनवमी के दौरान हुए हंगामे के बाद जान बचाने के लिए भाग रहे भैरो गोप को स्थानीय ग्वाल टोली चौक पर सिटी लाइफ माल के समीप खींच कर बीच सड़क पर तलवारों से काट दिया गया था।

यह मामला सुर्खियों में रहा, भैरो गोप की उम्र करीब 55 वर्ष थी और कटकमदाग थाना के रेवाली निवासी थे। पुलिस ने इस मामले में अजूबा खान को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में आठ गवाहों ने गवाही दी। साक्ष्य और गवाहों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। डेढ़ साल में निचली अदालत द्वारा ट्रायल के बाद सजा सुनाई गई है। 

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By Sachin Mishra