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कुएं में गिरा था पुलिस से भाग रहा PLFI सुप्रीमो, 11 साल पुराने फायरिंग केस में अब मिली तीन साल की सजा

Published: Thu, 20 Aug 2026 12:22 PM (IST)

एडीजे तीन की अदालत ने पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो उर्फ मेचो को पुलिस पर फायरिंग के आरोप में तीन साल ...और पढ़ें

पीएलएफआई सुप्रीमो मेचो को तीन साल की सजा

पीएलएफआई सुप्रीमो मेचो को तीन साल की सजा

HighLights

  1. पीएलएफआई सुप्रीमो मेचो को तीन साल की सजा।

  2. पुलिस पर फायरिंग के आरोप में हुई कार्रवाई।

संवाद सूत्र, गुमला। एडीजे तीन भूपेश कुमार की अदालत ने बुधवार को पुलिस पर फायरिंग करने के आरोपित पीएलएफआइ का सुप्रीमो जमाकेल सेमरटोली लापुंग, रांची निवासी अमृत होरो उर्फ मेचो को तीन वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है । अदालत ने आरोपित पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला 13 जून 2015 का है। जानकारी के अनुसार घटना के दिन कामडारा पुलिस को सूचना मिली थी कि अमृत होरो उर्फ मेचो अपने साथियों के साथ कामडारा थाना क्षेत्र के गरई में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गरई पहुंची।

पुलिस को देखते ही अमृत होरो उर्फ मेचो फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस से बचकर भागने के दौरान वह एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे कुएं से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई थी।

इसी मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को एडीजे तीन की अदालत ने अमृत होरो उर्फ मेचो को तीन वर्ष का कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

पीएलएफआई प्रमुख अमृत होरो उर्फ मेचो मई 2026 में लापुंग थाना क्षेत्र से एक शादी समारोह में पुलिस के गिरफ्त में आया था। जिसके उपर 10 लाख रूपये का इनाम घोषित था। बताते चले कि पांच अगस्त 2025 को पूर्व पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद वह पीएलएफआइ का सुप्रीमो बना था।

आपराधिक इतिहास रहा है अमृत का

डेढ़ दशक से से झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय रहकर हत्या, आगजनी, जबरन वसूली और ठेकेदारों पर हमले जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देने वाला अमृत का आपराधिक इतिहास रहा है।

वह नामचीन व्यवसायियों, ईंट भट्ठा संचालकों और विकास योजनाओं के ठेकेदारों में दहशत फैलाकर करोड़ों रुपये की लेवी वसूलता था। उसके खिलाफ अकेले रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के विभिन्न थानों में 50 से अधिक गंभीर नक्सली मामले दर्ज हैं।

वह वर्ष 2023 में लापुंग क्षेत्र में अपना वर्चस्व और खौफ कायम करने के लिए उसने अपने 6-7 साथियों के साथ मिलकर हुलसू निवासी राजेश कुमार साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा, आपसी वर्चस्व की एक अन्य जंग में वर्ष 2024 में पश्चिमी सिंहभूम के आनंदपुर थाना क्षेत्र में उसने अपने ही संगठन के एक बागी सदस्य मतियस टूटी की हत्या कर दी थी।

अप्रैल 2026 में खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में नरसिंह कंस्ट्रक्शन और बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिंक रेल लाइन प्रोजेक्ट साइट पर फायरिंग कर रोड रोलर को फूंक डाला था। ठेकेदार से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। लोहरदगा के कैरो में एक जन वितरण प्रणाली दुकानदार से 10 लाख रुपये और पिठौरिया के बड़े कारोबारी संजय सिंह उर्फ मंटू सिंह को भी लेवी के लिए धमकाया था।