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गुमला पुलिस ने PLFI माओवादी समीर तिर्की को किया गिरफ्तार, 1 साल पहले जेल से हुआ था फरार

Published: Sun, 08 Feb 2026 09:53 PM (GMT+05:30)

गुमला पुलिस ने एक साल से फरार पीएलएफआई माओवादी समीर तिर्की को उसके पैतृक गांव वृंदा से गिरफ्तार किया। वह ...और पढ़ें

माओवादी समीर तिर्की। (जागरण)

माओवादी समीर तिर्की। (जागरण)

HighLights

  1. एक साल से फरार पीएलएफआई माओवादी समीर तिर्की गिरफ्तार।

  2. रांची जेल से फरार हुआ था, आजीवन कारावास की सजायाफ्ता।

  3. गुमला पुलिस ने गुप्त सूचना पर वृंदा गांव से दबोचा।

संवाद सहयोगी, गुमला। गुमला पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बीते शनिवार की देर रात्रि एक साल से फरार चल रहे पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का माओवादी समीर तिर्की को गिरफ्तार किया।

बताते चले कि करीब एक वर्ष तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार चल रहा पीएलएफआई का माओवादी समीर तिर्की आखिरकार गुमला पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

शनिवार देर रात गुमला जिले के उसके पैतृक गांव गुमला प्रखंड के वृंदा से उसे गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने किया।

सूत्रों के अनुसार समीर तिर्की 28 फरवरी 2025 की रात रांची–होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से फरार हो गया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि उसने जेल की तीन-लेयर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर मुख्य गेट की ओर से बाहर निकलने में सफलता पाई थी। जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

इस संबंध में खेलगांव थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। फरारी के बाद से ही समीर तिर्की की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। गुमला पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।

गुप्त सूचना और सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने उसके पैतृक गांव वृंदा में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए रांची भेज दिया गया। बताया जाता है कि समीर तिर्की गुमला जिले के वृंदा गांव के भंडरा टोली का निवासी है।

वर्ष 2013 में अपहरण व हत्या के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वर्ष 2022 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। पहले उसका संबंध माओवादी संगठन पहाड़ी चीता से रहा, बाद में वह पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य बन गया।