अरुण कुमार गिरी, बिशुनपुर (गुमला) : गुमला जिला के बिशुनपुर एवं उससे सटे जंगलों में भाकपा माओवादी द्वारा पुलिस को नुकसान पहुंचाने एवं अपने सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के उद्देश्य से जगह-जगह पर प्रेशर बम लगा कर भोले-भाले ग्रामीणों को खतरे में डाल रहे हैं। इस प्रेशर बम की चपेट में आने से कई ग्रामीणों की अब तक मौत हो चुकी है। ग्रामीण अक्सर जंगल में पत्ता व लकड़ी लाने के लिए जाते हैं और वे इन प्रेशर बम की चपेट में आ रहे है। गारू थाना के गोपखाड़ गांव के सांझो देवी का पांव शनिवार को जैसे ही बम पर पड़ा, बम फट गया और उसकी मौत हो गई।

बिशुनपुर प्रखंड घनघोर जंगली पहाड़ी इलाका है जिसका पहाड़ लोहरदगा, लातेहार एवं छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है। जिस कारण यह माओवादियों का सेफ जोन माना जाता है। जंगल के रास्ते नक्सली आसानी से एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं। परंतु पिछले पांच वर्षों से बनालात एक्शन प्लान, सरजू एक्शन प्लान एवं पेशरार एक्शन प्लान चलाए जाने के बाद जंगल में जगह-जगह पर पुलिस पिकेट की स्थापना कर दी गई। साथ ही सड़कों का जाल बिछा दिया गया जिसके बाद पुलिस द्वारा माओवादियों के ऊपर काफी दबाव बनाया गया जिससे नकुल यादव एवं मदन यादव जैसे खूंखार नक्सली आत्मसमर्पण कर दिए। जिसके बाद इन इलाकों में नक्सलियों की कमर टूट गई और इनकी गतिविधियां कम हो गई। परंतु नकुल यादव की जगह पर माओवादी ने रविद्र गंजू नामक माओवादी को दायित्व सौंपा है और अभी रविद्र गंजू के नेतृत्व में संगठन का काम चल रहा है। यह माओवादी संगठन जंगलों में अपनी सुरक्षा घेरे के लिए जगह-जगह पर प्रेशर बम लगा रहे है, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।

इसी दौरान शनिवार की सुबह बिशुनपुर एवं गारू थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाका के गोताक बंदर लेटा जंगल में दातुन व पत्ता तोड़ने गई गारू थाना क्षेत्र के गोपखांड निवासी सांझो नगरिया की मौत हो गई। इससे पूर्व 23 जनवरी 2019 को बिशुनपुर पेशरार के सीमावर्ती इलाका के आसन पानी निवासी मंगलेश्वर नगेसिया अपने छोटे बेटे के साथ बेटी का विवाह के लिए लड़का देखने जंगल के रास्ते जा रहे थे उसी दौरान दूध मटिया टांगिडीह जंगल में लगाए गए प्रेशर बम के चपेट में आ जाने से उनकी मौत हो गई,जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। 2018 में घाघरा थाना क्षेत्र के सेरेंगदाग में बैल चलाने के दरमियान एक व्यक्ति प्रेशर बम के चपेट में आ गया। जिससे उनकी मौत हो गई माओवादियों के द्वारा बिछाए गए इस मौत की सामग्री में पुलिस अपनी कार्यकुशलता से बच तो रही है लेकिन भोले-भाले ग्रामीण इसका शिकार हो रहे हैं।

बिशुनपुर थाना प्रभारी सदानंद सिंह ने बताया कि माओवादियों द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए प्रेशर बम जगह जगह लगा रहे है। ताकि पुलिस के आने की बम फटेगा और वे लोग वहां से भाग सकेंगे। लेकिन इस प्रेशर बम की चपेट में भोले भाले ग्रामीण आ रहे है।

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