जाटी, गुमला : पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवारी को शिवभक्तों ने उमंग और उत्साह के साथ शिवालयों में जलाभिषेक किया। गुमला का करमटोली बूढ़वा महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी। शहर से लेकर गांव तक के शिवालयों में शिव भक्तों ने आस्था और विश्वास के साथ जलाभिषेक किया। सुख शांति समृद्धि और कोरोना से मुक्ति के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। घाघरा के कांवरिया संघ के लगभग 175 सदस्यों ने अंतिम सोमवार को घाघरा के छठ घाट स्थित नदी से कलश में जल भरकर देवाकी बाबा धाम पहुंचे और बबा भोलेनाथ में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना किए। समाजसेवी अशोक उरांव, बनवारी लाल गुप्ता, संदीप साहू, आशीष कुमार सोनी, अमित ठाकुर, पंकज कुमार सिंह, गुड्डू साहू, जितेंद्र प्रजापति, आलोक सिंह, नीरज सिंह, शिवम सिंह, श्याम किशोर पाठक, सतवंती देवी, अजय गुप्ता, नवीन साहू, मनोज गुप्ता, नीरज जयसवाल, सोला सिंह, अमर पाठक आदि कलश यात्रा में शामिल हुए।

बसिया के गंगड़ा समलई धाम शिव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को कलश यात्रा निाकल कर जलाभिषेक किया। अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। महिलाओं ने गंगड़ा नदी से जल लेकर कलश यात्रा निकाली। हरि कीर्तन कार्यक्रम में करंज कुरा,बसिया, रामजड़ी,नावाडीह,कौशलपुर आदि गांव के कीर्तन मंडली शामिल हुए। कामडारा के बटेश्वर शिव धाम जरिया ,प्राचीन शिव मंदिर पहाड़ गावं आमटोली, प्राचीन शिव मंदिर पारही बानपुर आदि शिव मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की और मनोवांछित फल की कामना किए। ढिढ़ौली मंदिर में नरेन्द्र साहु ने भंडारा का आयोजन किया। डुमरी में बाबा टांगीनाथ धाम में भी अंतिम सोमवारी को काफी संख्या में लोगों ने जलाभिषेक केयिा। रायडीह के प्राचीन वासुदेव कोना शिव मंदिर और मरदा शिव मंदिर मं भक्तों ने पंक्तिवध होकर भगवान भोलेनाथ की पूजा की। जलाभिषेक किया। गुमला के शिवालय हर-हर महादेव और बोल बम से गूंज रहा था।

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