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झारखंड में 3 साल की बच्ची से रेप केस को दबाने की कोशिश, पंचायत ने आरोपी से ₹1 लाख में कर ली डील; जांच शुरू

Published: Mon, 13 Jul 2026 08:14 PM (IST)

गुमला के घाघरा में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले को पंचायत ने एक लाख रुपये में रफा-दफा करने ...और पढ़ें

ग्रामीण। फोटो जागरण

ग्रामीण। फोटो जागरण

HighLights

  1. गुमला में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का जघन्य मामला।

  2. पंचायत ने एक लाख रुपये में मामले को निपटाने की कोशिश।

  3. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जांच टीम गठित।

जागरण संवाददाता, गुमला। जिले के घाघरा प्रखंड में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले काे पंचायत के माध्यम से रफा-दफा करने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है।

आरोप है कि मामले को लेकर आरोपित के गांव में घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने बैठक कर आरोपित के परिवार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाकर मामले का निपटारा करने की कोशिश की।

हालांकि अधिकांश ग्रामीण इस बैठक से अलग रहे। पंचायत की बैठक का कुछ लोगों ने वीडियो भी बना लिया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

गिरफ्तार आरोपी को छोड़ने की अपील

जानकारी के अनुसार, 11 जुलाई को प्रखंड के एक गांव की तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित रूप से नशे की हालत में सुनील लोहरा ने दुष्कर्म किया था। घटना के अगले दिन पीड़िता की मां ने घाघरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 जुलाई को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि आरोपित की गिरफ्तारी की सूचना गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने पंचायत बुला ली।

इस दौरान आरोपित की मां पीड़िता के घर पहुंची और कथित तौर पर बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की बात कहते हुए अपने बेटे को छोड़ देने की गुहार लगाई। इसके बाद आयोजित बैठक में आरोपित के परिवार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।

पंचायत में कथित रूप से तय किया गया कि जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये बैठक के आयोजन और उसमें शामिल लोगों के खान-पान पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष 80 हजार रुपये पीड़िता के परिवार को दिए जाएंगे। इसी दौरान बैठक में शामिल नहीं हुए कुछ ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी।

पुलिस बल पहुंचा गांव

सूचना मिलते ही घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस के पहुंचते ही बैठक में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहां से निकल गए।

थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में पंचायत कर समझौता कराने या मामले को दबाने का प्रयास कानूनन अपराध है।

ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत जघन्य अपराध है और इसकी सुनवाई केवल कानून के अनुसार ही होगी। घटना के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

सभी पहलुओं की हो रही जांच

पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। जांच टीम का नेतृत्व घाघरा अंचल अधिकारी खाखा सुनील कुमार करेंगे। टीम में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। जांच टीम पंचायत की भूमिका, मामले को दबाने के प्रयास तथा अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करेगी।

पुलिस ने कहा है कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी ने अपराध को छिपाने या समझौते के माध्यम से प्रभावित करने का प्रयास किया है, तो उसके विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला दबाने की सूचना मिली है। इसके लिए जांच टीम का गठन किया गया है। टीम गांव जाकर पूरे मामले की जाचं करेगी। मामला सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ गुमला

बैठक को लेकर हमें कोई जानकारी नहीं दिया गया था। गांव के कुछ लोगों के द्वारा बैठक हुई थी। इस मामले को लेकर पुलिस गांव पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। -लोदो एक्का, अरंगी मुखिया, घाघरा