संवाद सूत्र, घाघरा : घाघरा प्रखंड के गुनिया गांव से छह बच्चियों को नौकरी का प्रलोभन दे मानव तस्करी करने की आरोपित शांति बड़ाईक को पुलिस ने दिल्ली में सात फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार मानव तस्कर को गुमला लाया गया जहां रविवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया। शांति बड़ाईक, अतिक अंसारी की पत्नी है और वह अपनी गिरफ्तारी के भय से दिल्ली में छीपी हुई थी। आरक्षित अधीक्षक अंजनी कुमार झा ने बताया कि गुनिया गांव से छह बच्चियों के गायब होने का मामला तेतरु उरांव ने आठ नवंबर 2018 को घाघरा थाना में दर्ज कराया था, सभी बच्चियां नाबालिग थीं। अभियुक्त रीना देवी और नसीर अंसारी को 11 अप्रैल 2019 को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। तीसरे अभियुक्त मोत्तलीक अंसारी ने चार फरवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। अब चौथे अभियुक्त शांति को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस प्रकार उस कांड के सभी अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने लिया था संज्ञान, किया था ट्वीट

प्राथमिकी दर्ज कराने के सूचक तेतरु उरांव को केस वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया था। उन्होंने गुमला के एसपी और डीसी को ट्वीट कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उसके बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए घाघरा की पुलिस सक्रिय हुई थी। पुलिस के दबाव में मोत्तलीक नामक अभियुक्त ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और शांति बड़ाईक को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

Posted By: Jagran

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