संवाद सूत्र, पालकोट: जल संरक्षण से ही जल संकट का समाधान संभव है। इसलिए जल संरक्षण को एक जन अभियान का रूप देना होगा। पालकोट वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी महेश प्रसाद गुप्ता ने दैनिक जागरण से शनिवार को बातचीत करते उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि उम्दा सोच और दूरदृष्टि रखनेवाले हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आम जनता की सहभागिता और श्रमदान से जल शक्ति अभियान का आगाज किया है। वन विभाग भी उस अभियान का हिस्सेदार बना है। वैसे तो वन पदाधिकारी बहुत पहले से जल संरक्षण का अभियान चलाते आए हैं क्योंकि मेरे विभाग की नजर में जल प्रकृति का अनमोल धरोहर है। इसे बचाना सबकी जिम्मेवारी है। अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से हमारा विभाग हर साल की भांति इस साल भी वन महोत्सव मना रहा है। नदियों के किनारे की खाली भूमि पर पौधरोपण करा रहा है। भविष्य के संभावित जल संकट से निपटने में पौधरोपण की अहम भूमिका होगी। पेड़ों और वनों की हिफाजत से जलसंरक्षण किया जा सकता है। वन क्षेत्र पदाधिकारी ने किए गए शोध का हवाला देते हुए बताया कि सखुआ पेड़ में सबसे ज्यादा पानी ग्रहण करने की क्षमता है। उसमें अधिक पानी रहता है। यही कारण है कि जिस क्षेत्र में बहुतायत संख्या में सखुआ पेड़ होते हैं वहां भू-जलस्तर उपर रहता है और वैसे क्षेत्र में पानी की ज्यादा किल्लत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण हमारे स्वास्थ्य की कुंजी है। हर कीमत पर बूंद-बूंद पानी बचाने की आज जरूरत आ पड़ी है। बताया कि उनका विभाग जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए जहां जनजागरूकता अभियान चला रहा है वहीं प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में हम जल संरक्षण की भावना पैदा कर रहे है ताकि जल संरक्षण अभियान से उनका और उनके अभिभावक जुड़ सके और हमारा अभियान सफल हो सके।

Posted By: Jagran

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