संवाद सूत्र, कामडारा (गुमला) : जिले में फिर एक बार हाथियों का उत्पात बढ़ने लगा है। खूंटी के कर्रा क्षेत्र से गिड़ूम जंगल से 28 हाथियों का झुंड गुरुवार की रात करीब दस बजे गुमला लौट आया है। हाथियों को आते देख ग्रामीणों ने उसे खदेड़ना का प्रयास किया लेकिन शुक्रवार की तड़के चार बजे कामडारा प्रखंड के रामतोलया पंचायत के पाकुटपाहन टोली गांव में प्रवेश कर गया। धान की तलाश में हाथी भटकने लगे, तभी खेत में पुआल का मचान के नीचे सो रहे किसान धनी टोपनो (65) को एक हाथी ने अपने सूंड से उठा लिया और पटक कर पांव के नीचे कुचल कर मार डाला। इसके बाद हाथी चिघाड़ने लगे। हाथियों के चिघाड़ सुनकर ग्रामीण दहशत में आ गए और अपने अपने घरों में ही दुबक गए। गांव में कुछ देर रुकने के बाद हाथी वापस जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से गिरुमा जंगल लौट गए। इधर हाथियों के जाने के बाद ग्रामीण अपने अपने घरों से बाहर निकले तो देखा कि धनी टोपनो के घर से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर उसका शव पड़ा है। घटना की सूचना पुलिस व वन विभाग को ग्रामीणों ने दी। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। धनी टोपनो कुंवारा था और वह मचान के नीचे ही अक्सर रात को सोता था। इन 28 हाथियों का झुंड है में तीन बच्चे भी शामिल है। मृतक के स्वजनों को वन विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि के रुप में 20 हजार रुपये मुआवजा दिया गया, जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेजा गया। वहीं पाकुट और चटकपुर में दर्जनों बारी में लगी सब्जी, गेंहू व खलिहान में रखा धान, मडु़वा को चट कर गए।

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