गुरदीप राज, गुमला : जिले में कोरोना के सक्रिय संक्रमितों का आंकड़ा मात्र 11 दिनों में 1265 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही जिले में 14 लोगों की मौत भी कोरोना के कारण हो गई है। इसके बाद भी जिले में कोरोना मरीजों के इस्तेमाल आने वाली दवाओं की भारी कमी है। रेमडेसिविर इंजेक्शन सहित 22 जरूरी दवाएं पूरे जिले में उपलब्ध नहीं है। इसे मंगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पत्राचार तो किया है लेकिन दवाएं अब तक नहीं पहुंची है। कोरोना संक्रमितों को लगातार डाक्टर देख रहे हैं कोविड अस्पताल या आइसोलेशन सेंटर में डाक्टर मरीजों की जान बचाने में लगे हैं लेकिन इन डाक्टरों के पास एक भी फेस शिल्ड नहीं है स्वास्थ्य विभाग से कई बार फेस शिल्ड की मांग की गई लेकिन विभाग के पास फेस शिल्ड का स्टाक ही समाप्त हो चुका है। इतना ही नहीं डेड बॉडी कवर की भी किल्लत है। जिले में सिर्फ तीन ही डेड बॉडी कवर शेष बचे हैं। अगर जल्द ही डेड बॉडी कवर की व्यवस्था नहीं होगी तो सदर अस्पताल व जिले में इलाज के दौरान मरने वाले कोविड मरीजों को बिना डेड बॉडी कवर के ले जाना होगा। जिले में 24 डेड बॉडी कवर मंगाया गया था 21 का इस्तेमाल कर लिया गया, शेष तीन ही बच गए। 13881 पीपीई किट के स्थान पर मात्र 920 पीपीई किट ही बचे हैं। जिले में होम आइसोलेशन में 1042 मरीज हैं। इन मरीजों को मेडिकल किट देने की निर्देश राज्यभर में दिया गया है। लेकिन जिले के करीब आठ सौ होम आइसोलेसन में रहने वाले मरीजों को ही मेडिकल किट दी जा सकी है। इतना ही नहीं इन मरीजों को दिए जाने वाले मेडिकल किट में आक्सीमीटर नहीं है।

---

यह दवा नहीं है स्वास्थ्य विभाग के पास

रेमडिसिवर इंजेक्शन, फेस शिल्ड, हेड केप, एस्कॉर्बिक एसिड विटामिन सी टैबलेट, फ्लैपवीर टेबलेट 200 एमजी, लीवरमेक्टिम 12एमजी टैबलेट,मिथाइल प्रेडनिसोलोन इंजेक्शन 60 एमजी, एन एसिटाइलसिस्टीन 600 एमजी टैबलेट , डैक्सोना इंजेक्शन आठ एमजी, विटामिन डी कैप्सूल सहित 22 तरह के दवा गुमला स्वास्थ्य विभाग के स्टाक में नहीं है।

Edited By: Jagran