गुमला : झारखंड लोक कला एवं साहित्य शोध संस्थान की बैठक में साहित्यकार बीपी केसरी के निधन को नागपुरी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति बताई गई। मंगलवार को नागपुरी साहित्यकार साहनी उपेन्द्र पाल नहन के गोकुल नगर स्थित आवास में झारखंड लोक कला एवं साहित्य शोध संस्थान की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में उनकी आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। साहनी उपेन्द्र पाल नहन ने कहा कि डॉ. बीपी केसरी नागपुरी के महावीर प्रसाद द्विवेदी थे। अजय किशोर नाथ पांडेय ने कहा कि बीपी केसरी हिन्दी साहित्य व नागपुरी साहित्य के पुरोधा थे। इनके नेतृत्व में नागपुरी साहित्य का हमेशा विकास हुआ है। इस अवसर पर नारायण दास वैरागी, सत्यनारायण ¨सह, स्वाति आइंद, केशव चन्द्र साय, भोला दास, विदेश तिर्की, साधना देवी, वाल्टर खलखो, दीप ज्योति गोप, रवीन्द्र बड़ाईक समेत कई उपस्थित थे।