यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो वक्त खाने को पैसे नहीं लेकिन अकाउंट से हो रहा लाखों का ट्रांजेक्शन, बैंक पहुंचा मजदूर तो सामने आई सच्चाई
भुजाली पासवान बेहद ही गरीब है। रहने के लिए उसके पास एक पक्का घर तक नही है लेकिन फिर भी ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, बसंतराय (गोड्डा)। बसंतराय प्रखंड के सुस्ती पंचायत अंतर्गत जहाजकित्ता गांव निवासी भुजाली पासवान झाेपड़ी में रहता है। मजदूरी कर अपने व अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन उसके नाम से गोड्डा के आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोलकर लाखों की हेराफेरी की जा रही है।
बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट देख शख्स ने पकड़ा माथा
इसकी जानकारी भुजाली को तब लगी, जब धनबाद के आयकर विभाग की ओर से उसे नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने को कहा गया। तब वह संबंधी के साथ गोड्डा के आईसीआईसीआई बैंक पहुंचकर ब्रांच मैनेजर को अपनी आपबीती सुनाई। बैंक की ओर से खाते का पूरा स्टेटमेंट निकाला गया, जिसे देखकर सबके होश उड़ गए।
सरकारी योजनाओं से लाभ के प्रलोभन में खुलवाया गया खाता
भुजाली पासवान बेहद ही गरीब है। रहने के लिए उसके पास एक पक्का घर तक नही है। बताया कि वर्ष 2013 में गांव के ही मोहमद मंसूर ने उसे बैंक में खाता खोलने की सलाह दी थी। बताया था कि इससे तुम्हें आवास, पेंशन सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। उसके बाद बैंक खाता खोलने वाले फार्म पर फिंगर प्रिंट लगवाकर, आधार कार्ड का फोटोकॉपी व पासपोर्ट साइज फोटो भुजाली से ले लिया।
साढ़े सात लाख रुपये का पहला ट्रांजेक्शन
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी 2013 को इनके नाम से आईसीआई बैंक गोड्डा में खाता खोला गया। जिसका खाता नंबर 063205000351 भुजाली पासवान के नाम पर है। वर्ष 2013 में ही इनके खाते से लाखों रुपये की जमा व निकासी की गई है। पहला ट्रांजेक्शन साढ़े सात लाख रुपये का किया गया।
आयकर विभाग की तरफ से भेजा गया नोटिस
स्टेटमेंट के आधार पर बताया गया कि कई ज़िले से इस खाते में रुपयों का लेनदेन किया गया है। भुजाली बताते हैं कि आयकर विभाग धनबाद की ओर से नोटिस मिलने के बाद वह परेशान हो गया। अनपढ़ व गरीब रहने के कारण कई लोगो से मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने इस बात को गम्भीरतापूर्वक नही लिया। ग्रामीण मंसूर के पास भी गए। उन्होंने भी टाल-मटोल कर बात को टाल दिया।
खाते से किया गया 113 बार पैसों का लेनदेन
समय-समय पर आयकर विभाग से नोटिस आने का सिलसिला चलता रहा। आखिरकार शनिवार को वह एक रिश्तेदार के साथ गोड्डा के आईसीआईसीआई बैंक आए। इसके बाद बैंक के द्वारा उन्हें सभी कागजात उपलब्ध कराया गया।
बताया गया कि खाता खुलवाने के बाद अब तक 113 बार रुपये का लेनदेन किया गया है। 2013 में गोड्डा में आईसीआईसी बैंक घोटाला हुआ था, जिनमे करोड़ो रुपये की हेराफेरी हुई थी। इसमें कई लोग जेल भी गए थे।
