गोड्डा : सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए गोड्डा जिले में ज्ञानोदय मॉडल के तहत 189 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था की गई है, इस वर्ष इसका दायरा बढ़ा कर 250 स्कूलों में करने का लक्ष्य है। वहीं दूसरी तरफ बिजली संकट झेल रहे जिले के लिए स्मार्ट क्लासेज चलाना चुनौती भरा काम है। जिला प्रशासन ने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाया है। सरकारी स्कूलों में सोलर सिस्टम के तहत प्रकाश की व्यवस्था करने की कवायद तेज की है जिससे की आने वाले समय बिजली की समस्या को दूर होगी ही साथ ही नौनिहालों के भविष्य भी बनेगा।

14वें वित्त आयोग की मद से जिला प्रशासन ने जहां 101 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का निर्माण कराया है वहीं शौचालय और साफ सफाई भी पंचायत प्रशासन को लगाया गया है। वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोत के रूप में स्कूलों में सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए जेरेडा की सेवा लेने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य बिजली बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों को जेरेडा के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है। इसमें करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। तत्काल जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड के नाथगोड़ा और पोड़ैयाहाट प्रखंड के तेलियाटिकर स्थित स्कूल में सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन दोनों ही प्रखंडों में बिजली की विकट समस्या है। गोड्डा में 55000 नौनिहालों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने की मुहिम ज्ञानोदय कार्यक्रम के तहत छेड़ी गई है। आने वाले दिनों में इसके परिणाम और भी बेहतर होंगे। जिला प्रशासन की ओर से इस बार ज्ञानोदय कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के रूप में प्रशिक्षु आईएएस ऋतुराज पर अहम जिम्मेवारी सौंपी गई है।

सीएसआर मद से चल रहा ज्ञानोदय कार्यक्रम : जिले में वर्ष 2018 से ज्ञानोदय कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके लिए सीएसआर मद से संसाधन मुहैया कराया रहा है। जिले के 189 स्कूलों में जहां स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से ऑडियो-वीडियो विजुअल के माध्यम से कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा रही है। इस वर्ष आठवीं बोर्ड, दसवीं और बारहवीं बोर्ड के परिणाम में जिले ने करीब सात पायदान की छलांग भी लगाई है। इसके अलावा सुपर 100 क्लासेज के माध्यम से छात्र और छात्राओं के लिए विशेष कोचिग की भी निश्शुल्क व्यवस्था की गई है। आने वाले दिनों में इसके दूरगामी परिणाम आने की संभावना है। जिले के प्लस टू हाई स्कूलों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का रिजल्ट इसका पैमाना है। इस वर्ष अधिकांश स्कूलों का रिजल्ट 80 फीसद से अधिक रहा।

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- जिन विद्यालयों में बिजली की समस्या है, वहां सोलर एनर्जी से स्मार्ट क्लासेज संचालित कराने की दिशा में जिला प्रशासन काम कर रहा है। इसके लिए जेरेडा और बिजली बोर्ड को मिलकर काम करना है। जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है। ज्ञानोदय की पूरी टीम इसके लिए लगी हुई है। पंचायत स्तर पर मुखिया की भी अहम भूमिका है।

- किरण कुमारी पासी, उपायुक्त , गोड्डा।

Posted By: Jagran

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