गोड्डा : गोड्डा कॉलेज के समीप ओबीसी हॉस्टल बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। यहां पठन पाठन का कार्य कर रहे छात्रों के लिए परिस्थितियां प्रतिकूल बनी हुई है। इस हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां रहकर पढ़ाई करने के लिए प्रतिवर्ष हॉस्टल की क्षमता से काफी ज्यादा छात्र आवास के लिए आवेदन देते हैं। कमरे के अभाव में उनका आवेदन रद्द कर दिया जाता है। वर्तमान के ओबीसी हॉस्टल में 48 छात्रों के रहने की व्यवस्था है। अधिकतर कमरे की खिड़कियों का शीशा टूटा हुआ है। इससे ठंड में छात्रों को रहने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। देखरेख के अभाव में छात्रावास की दीवारें कमजोर हो रही है। हॉस्टल की छत में अनेक जगहों पर दरार आ गई है। कुछ जगहों पर छात्र आपस में चंदा कर सीमेंट से दरार को बंद कराए हैं। हॉस्टल के निर्माण के बाद वहां एक बार भी मरम्मत कार्य नहीं किया गया है। वर्षों से वहां रंगरोगन नहीं हुआ है। वायरिग भी किसी तरह है। बारिश होने पर हॉस्टल की छत से पानी रिसता है। वहीं छात्र पगडंडियों के सहारे हॉस्टल से कॉलेज आना-जाना करते हैं। छात्र किसी तरह जुगाड़ कर अपना काम चला रहे हैं। इस हॉस्टल में एक फेज से सिगल लाइन दी गई है। जिसके फेल होने से छात्रों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। कम वोल्टेज के कारण छात्रों को पढ़ने लिखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्रावास के बच्चे मंहगे दर पर कैरोसिन खरीद पाने में सक्षम नहीं है। छात्र गुणाधर साह, निलेश ठाकुर, भूषण सिंह, चुनमुन साह, निखिल कुमार आदि ने बताया कि कल्याण विभाग ओबीसी हॉस्टल के छात्रों के प्रति उदासीन है। बताया कि पूर्व में भी लिखित आवेदन देकर विभाग को समस्याओं से अवगत कराया था। लेकिन छात्रों की समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं है। बमुश्किल से विभाग द्वारा बाथरूम आदि को दुरुस्त करने का काम हो रहा है। इसमें भी ठेकेदार की मनमानी है। हॉस्टल परिसर में वर्षो से कोयले के चूल्हा पर ही खाना बन रहा है। खाना बनाने के दौरान चूल्हे के धुएं से छात्रों को परेशानी होती है। अबतक छात्रों को धुआं रहित चूल्हा नहीं मिला है। जबकि छात्र वर्षो से इसकी मांग कर रहे हैं। धुएं से छुटकारा पाने के लिए छात्रों ने कल्याण विभाग को कम से कम दो कनेक्शन वाला चूल्हा उपलब्ध करने की मांग की है।

Posted By: Jagran

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