इधर उधर की

संस, गोड्डा : आसन्न विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। आचार संहिता लगने के बाद चुनावी गतिविधि भी तेज हो गयी है। वहीं कई पार्टी में ज्यादा संभावित उम्मीदवार रहने व तालमेल न रहने के कारण गुटबाजी अब सतह पर दिखने लगी है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं। गोड्डा विधानसभा में सतारूढ़ पार्टी में ही कार्यकर्ता दो गुट में बंटे दिख रहे हैं। यहां जितना विपक्ष का विरोध नहीं है उससे ज्यादा आपस में विरोध व गुटबाजी देखी जा सकती है। लोस चुनाव से ही दो कद्दावर नेता के कार्यकर्ता बंटे दिख रहे हैं। समय रहते अगर गुटबाजी पर अंकुश नहीं लगाया जाता है तो यहां सत्तारूढ़ दल की परेशानी बढ़ सकती है। दूसरी ओर महागामा विधानसभा में विपक्ष की एक राष्ट्रीय पार्टी में भी गुटबाजी चरम पर दिख रही है। इसके पीछे कारण संभावित उम्मीदारों की संख्या अधिक होना बताया जाता है। चुनाव मैदान में उतरने को बेताब नेता अपने अपने समर्थकों के साथ पार्टी में अलग अलग मुहिम चला रहे हैं। गुटबाजी यहां दूर नहीं होती है तो इसका फायदा विरोधी को मिल सकता है। बहरहाल अभी बहुत कुछ होना बाकी है। आनेवाले समय ही बताएगा कि गुटबाजी पर अंकुश लग पाता है या नहीं। वहीं पोड़ैयाहाट विधानसभा भी इस बार हॉट सीट रहेगी। यहां पर भी अबतक सत्तापक्ष या विपक्ष में एकजुटता नहीं दिख रही है लेकिन अभी समय काफी है। गठबंधन की तस्वीर साफ नहीं है। अभी कई दांव पेच चले जाएंगे। अलबत्ता गुटबाजी की बात को सभी खारिज करते है।

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