गोड्डा : गोड्डा-पीरपैंती-जसीडीह रेल परियोजना पर मेहरमा कोल ब्लाक के कारण जहां गोड्डा से पीरपैंती प्रस्तावित रेल लाइन पर काम रुक गया है। वहीं दूसरी ओर अब ललमटिया-कहलगांव एमजीआर रेल लाइन से जोड़ने को लेकर मांग तेज हो गई है। इस संबंध में सांसद निशिकांत दुबे ने पहले ही रेल मंत्री को पत्र लिखकर जनभावना से अवगत करा दिया है। जहां कहा गया है कि गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन में महगामा तक भूमि अधिग्रहण की प्रकिया पूरी हो चुकी है। जहां महगामा से आगे की रेल परियोजना के लिए कोयला मंत्रालय की आपत्ति को दूर कर अविलंब परियोजना पूरा करवाने की मांग की गयी है। वही दूसरी ओर क्षेत्र में अब यह मामला गरमाने लगा है। दरअसल अवरोध के बीच जो समस्या का बेहतर समाधान है वो है कहलगांव-जीयाजोरी-ललमटिया के बीच 30 किलोमीटर एमजीआर लाइन जिसका उपयोग वर्तमान में कोयला ढुलाई में किया जा रहा है। मेहरमा कोल ब्लाक मिलने के बाद अब यहां पर महागामा के आगे फिलहाल रेल लाइन नहीं बिछ सकती है ऐसे में अगर यह लाइन रेलवे को मिल जाता है जिसके लिए रेलवे प्रयासरत भी है तो कम खर्च में जल्द योजना पूरी हो सकती है। लेकिन जो कहा जा रहा है कोल इंडिया इसके लिए तैयार नहीं है। जबकि क्षेत्र के लोगों का साफ कहना है कि आजतक वे लोग कोयला के चलते धूल प्रदूषण और बीमारी से जूझते रहे कोयला जिला का है अगर जिला के लोग को रेल के लिए 25 किलोमीटर एमजीआर रेल लाइन नहीं मिलता है तो कोयला भी ढुलाई नहीं होगी। कहना है कि यह काम बहुत मुश्किल भी नहीं है। कहलगांव से डेहरी तक एमजीआर लाइन का दोहरीकरण भी किया है। जबकि गोड्डा से महगामा तक जमीन अधिग्रहण कि प्रकिया लगभग पूरी हो चुकी है या फिर अंतिम चरण में है। वही सूत्र की मानें तो रेलवे भी इस लाइन को लेकर प्रयासरत है लेकिन मामला कोल मंत्रालय के पाले में है। यह भी प्रयास हो रहा है कि एमजीआर लाइन के पूर्व छोर से समानांतर रेल लाइन बिछायी जाय जिसका सर्वे भी रेलवे ने कर लिया है। भविष्य में क्या होगा यह तो आनेवाले समय ही बतायेगा। लेकिन वर्तमान हालात में गोड्डा-पीरपैंती-जसीडीह रेल परियोजना को पूरा करने के लिए दूसरा विकल्प भी नहीं दिख रहा है। जो व्यावहारिक रूप से सही भी है। दूसरी ओर महगामा के जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मोहन केसरी ने केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखा है जहां कहा गया है कि कोयला मंत्रालय के आपत्ति के कारण गोड्डा-पिरपैंती-जसीडीह रेल लाइन को रद्द किया जा रहा है कहा है सिर्फ कोयला ले जाने के लिए ही रेल चलेगा। गोड्डा में राजमहल परियोजना है रेल से कोयला की ढुलाई होती है जिला का खादान और जिले की जनता को रेल से वंचित करने का प्रयास यह सब नहीं चलेगा। पत्र में कहा है कि अगर गोड्डा-पिरपैंती रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो 10 अक्टूबर-2019 को राजमहल परियोजना ललमटिया में सांकेतिक रूप से कोयला डिस्पैच को बंद किया जायेगा और 1 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन किया जायेगा।

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रेलवे ने महगामा से विक्रमशिला तक सर्व कार्य पूरा किया

गोड्डा: मेहरमा कोल ब्लाक के बाद बदले हुए हालात में पीरपैंती-गोड्डा-देवघर लाइन पर काम शुरू करने की दिशा रेलवे का प्रयास जारी है। जहां रेलवे कहलगांव-ललमटिया एमजीआर रेल लाइन के समानांतर नयी लाइन के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है जहां एनटीपीसी की 18 किमी तक नयी रेल लाइन जायेगी इसके अलावा विक्रमशिला तक जाने के लिए लगभग सात किलोमीटर रेल लाइन जायेगी। रेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रेलवे दो स्तर पर प्रयास कर रही या तो एमजीआर लाइन पर रेल चलाने के लिए अनुमति मिले या फिर इसी लाइन के समानांतर जमीन मिले ताकि योजना को पूरा किया जा सकता है। अधिकारिक सूत्र की मानें तो अक्टूबर तक दोनों में से कोई एक बिदू पर बात बन सकती है इसके बाद काम चालू हो सकता है। रेलवे ने जमीन अधिग्रहण के लिए पहले ही 1.87 अरब राशि दे रही है।

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दियारा में काम स्थगित होने से विरोध

गोड्डा: गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन में काम रूकने से दियारा गांव में लोग आक्रोशित है। कहना है राज्य सरकार व कोल इंडिया नहीं चाहती है रेल लाइन बिछे। कहा कि वे लोग पिछले पांच साल से इसके लिए प्रयासरत है जमीन सर्वे में आने के बाद से कोई काम नहीं कर पा रहे है न ही मुआवजा मिल रहा है। कांग्रेस नेता ध्रुव सिंह ने कहा कि सरकार इस लाइन को लेकर गंभीर नहीं है। जिसके कारण योजना स्थगित कर दिया गया है वे लोग इसका हर स्तर से विरोध करेंगे अविलंब काम शुरू होना चाहिए।

Edited By: Jagran

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