संवाद सहयोगी, महागामा :

महागामा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा मंदिर के बगल में निर्मित सोलर जल मीनार बीते 20 दिनों से खराब पड़ी है। इससे जलापूर्ति नहीं हो रहा है। आसपास के ग्रामीण निकट के तालाब से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं हालांकि तालाब का पानी पीने योग्य नहीं है, इससे स्नान और कपड़े धोने के अलावा मवेशियों की प्यास बुझ रही है।

यह तालाब जल मीनार के ठीक बगल में है। वर्ष 2019 में नगर पंचायत के गठन के बाद इस क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण नगर पंचायत प्रशासन के पास चला गया है। यहां कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में महागामा अनुमंडल के एसडीओ जितेंद्र देव को जिम्मेवारी सौंपी गई है।

सोलर जलमीनार खराब होने से इन दिनों स्थानीय लोगों को जलापूर्ति के लिए काफी समस्या झेलनी पड़ रही हैं। लोग नजदीक के चापाकल या कुआं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं वहीं संपन्न लोग पानी का जार खरीदकर अपना काम चलाते हैं। जलमीनार के ठीक बगल में तालाब है, जो पूरी जलकुंभियों से अटा पड़ा है। इसकी साफ सफाई और तालाब के जीर्णेाद्धार के लिए नगर पंचायत प्रशासन अब तक गंभीर नहीं हुआ है। पूर्व में जब यह क्षेत्र पंचायत के अधीन था तो स्थानीय मुखिया की पहल से इसकी कभी कभार सफाई की जाती थी।

उक्त तालाब जल संरक्षण के लिए बड़ा जरिया बन सकता है। अगर स्थानीय प्रशासन संवेदनशील होकर काम करे तो तालाब का स्वरूप बदला जा सकता है। अव्वल तो अभी तालाब में मौजूद जलकुंभी को हटाने की है। इससे तालाब का पानी साफ हो सकता है। स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि उक्त तालाब जल संसाधन का बेहतर जरिया बना सकता है। इसके लिए सरकार को आगे आना चाहिए। इधर जल मीनार के खराब हो जाने के कारण आस पास के लोगों को अभी गर्मी के मौसम में बूंद बूंद पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में जिनके घरों में बोरवेल है, अधिक समस्या नहीं है लेकिन जो इस जल मीनार पर ही आश्रित हैं, वैसे परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। अधिकांश ग्रामीण तालाब में ही स्नान व दिनचर्या के अन्य कार्य करते है। लेकिन जलकुंभी से भरने के कारण तालाब का पानी भी उपयोग के लायक नहीं रह गया है। जलमीनार को स्थानीय मुखिया की ओर से पूर्व में कई बार मरम्मत कराई गई है। लेकिन अब मुखिया के पास अधिकार नहीं है। सरकार ने पावर सीज कर लिया है। जलमीनार को दुरुस्त करने की जिम्मेवारी अब नगर पंचायत को ही है।

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नगर पंचायत क्षेत्र में जलापूर्ति के सभी संयंत्रों को दुरुस्त किया जा रहा है। गर्मी में जल संकट होने पर टैंकर से भी जलापूर्ति के लिए विचार किया जा सकता है। तालाब की सफाई के लिए भी नगर पंचायत अपने स्तर से कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर उतारेगी। - जितेंद्र देव, एसडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, महागामा।

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