विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोड्डा से दो मंत्री होने के बाद भी नहीं थम रहा अवैध खनन, बालू वाहनों से हो रहा लगातार हादसा

Published: Wed, 01 Apr 2026 03:12 PM (GMT+05:30)

गोड्डा जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन बड़े पैमाने पर जारी है, जिससे नदियां और जलस्तर प्रभावित हो रहे ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण टीम, गोड्डा। जिले में हाल के वर्षों में नदियों से व्यापक पैमाने पर बालू के अवैध परिवहन व खनन का खेल चल रहा है। इसके कारण जहां नदियों का वजूद मिटता रहा है वही जलस्तर नीचे जा रहा है। आने वाले वर्षो में पर्यावरण समस्या भी देखने को मिल सकती है।

सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य सरकार में दो मंत्री गोड्डा जिले से हैं। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता भी इसी जिले से आते हैं। इन प्रतिनिधियों से जिले की जनता को काफी उम्मीद थी।

प्रतिदिन हो रहा अवैध डंपिंग का खेल

पुलिस प्रशासन से लेकर व्यवस्था दुरूस्त होनी चाहिए लेकिन हालात और भी बदतर हैं। यहां तो दिन के उजाले में ही व्यापक पैमाने पर बालू का अवैध कारोबार चलता है। पथरगामा के सनातन घाट से प्रतिदिन सैकड़ों हाइवा व ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई और अवैध डंपिंग का खेल चलता है।

यह नजारा पथरगामा के सनातन से लेकर बिसाहा मोड़, रामपुर, गांधीग्राम से लेकर ककना, बसंतराय के रास्ते में देखा जा सकता है यहां बालू माफिया का इतना दहशत है कि लोग खुलकर कुछ नहीं बोल पाते है जबकि यहां पुलिस प्रशासन से तो लोगों का भरोसा पहले ही उठ चुका है जो इतने व्यापक पैमाने पर बालू के अवैध कारोबार को एक तरह से संरक्षण ही देने का काम कर रहे हैं जहां सब कुछ गलत होते हुए भी एक्शन शून्य है।

हर दिन बालू ढुलाई के फोटो-वीडियो हो रहे वायरल

सोशल मीडिया पर हर दिन बालू ढुलाई और अवैध डंपिंग का फोटो व वीडियो वायरल हो रहा है लेकिन पुलिस प्रशासन से लेकर यहां के माननीयों ने पूरी तरह से मौन साध रखा है। कुछ हो ही, वे जुबान खोलने से भी परहेज करते हैं। आखिर इतने व्यापक पैमाने पर अवैध कारोबार पर व्यवस्था से जुड़े लोग इतने मौन क्यों हैं, यह बड़ा सवाल है।

यही नहीं पथरगामा के अलावा बसंतराय, हनवारा, बलबड्डा, ललमटिया, पोड़ैयाहाट, नगर, मुफस्सिल, सुंदरपहाड़ी, मोतिया ओपी में भी बालू के अवैध खनन व परिवहन का खेल व्यापक पैमाने पर चल रही है। इसे रोकने में खनन ,परिवहन व टास्क फोर्स से लेकर पुलिस प्रशासन सब मौन हैं। मानों यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है।

बालू वाहनों से लगातार हो रहे हादसे

बालू के अवैध खनन व परिवहन में लगे वाहनों से लगातार हादसे हो रहे है व लोगों की जान जा रही है अधिकांश वाहनों में न तो समुचित कागजात होते है न ही रजिस्ट्रेशन नंबर। फिर भी खनन विभाग व परिवहन विभाग के लोग खानापूर्ति में लगे हुए है। सड़क सुरक्षा अभियान शहर तक ही सीमित हैं। परिवहन विभाग में बिचौलिओं का साम्राज्य है।

विभागीय कमीशन के बंदरबांट में पूरा महकमा उलझा रहता है। जबकि यहां पुलिस भी पूरी तरह से पंगु हो चुकी है। सनातन क्षेत्र के लोग की मानें तो पिछले 10-15 साल में इतनी हाइवा व ट्रैक्टर बालू के अवैध ढुलाई में नहीं चलती थी जितना वर्तमान में चल रहा है और परिवहन विभाग व पुलिस का वाहन जांच शहर के दोपहिया वाहन तक सिमटा हुआ है और फोटो खिंचाने की होड़।

हाइवा की चपेट में आने से हो रहा हादसा

मार्च माह में सनातन में ही हाइवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जो अवैध बालू ढुलाई में लगा था इस मामले में जमकर राजनीतिक हुई दो तीन दिन अवैध धंधा बंद हुआ और फिर चालू, बसंतराय में हाइवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

बीते साेमवार को मुफस्सिल के गायछांद के पास बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो सगे भाईयों की मौत हो गई। बताया जाता है कि चालान घाट से चार बजे तक बालू ढुलाई होना था और घटना शाम सात बजे की है।

जाहिर है कि यहां नियमों की अनदेखी कर बालू की अवैध ढु़लाई हो रही थी जिसके कारण दो परिवार उजड़ गया ऐसे में लोगों का सवाल है कि इस अवैध कारोबार को कौन रोकेगा । राज्य सरकार या फिर और कोई। जिला स्तर से तो यह रूक नहीं नहीं पा रहा है।

यह भी पढ़ें- गैंगस्टर के गुर्गे को मिल रही थी सुरक्षा! झारखंड में अब VIP-VVIPs के अंगरक्षकों की होगी गहन समीक्षा

यह भी पढ़ें- लोहरदगा में शवदाह गृह बना कचरा डंपिंग यार्ड, 2 साल से बंद पड़ी डेढ़ करोड़ की परियोजना