गोड्डा में जसीडीह-पीरपैंती रेल कॉरिडोर को मिली रफ्तार, संताल परगना को मिलेगा सीधा लाभ
जसीडीह-पीरपैंती रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत गोड्डा-महागामा के बीच पटरी बिछाने का काम तेजी से जारी है, जिससे संताल परगना मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ेगा।

गोड्डा में जसीडीह-पीरपैंती रेल कॉरिडोर को मिली रफ्तार, संताल परगना को मिलेगा सीधा लाभ (AI Generated Image)
HighLights
जसीडीह-पीरपैंती रेल कॉरिडोर पर काम तेज।
गोड्डा-महागामा के बीच पटरी बिछाना शुरू।
संताल परगना को मिलेगी सीधी रेल कनेक्टिविटी।
जागरण संवाददाता, गोड्डा। जसीडीह-पीरपैंती रेल कॉरिडोर को रफ्तार देने का कार्य जारी है। इस परियोजना के तहत जसीडीह-गोड्डा-महागामा के बीच नई ब्रॉडगेज रेल लाइन का निर्माण होगा। भू-अर्जन का काम अंतिम चरण में है। परियोजना के तहत कुल 391.9 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
69 मौजों की 168.89 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि पर एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। अब तक 244.45 करोड़ रुपये का मुआवजा भुगतान रैयतों को किया जा चुका है। महागामा-मेहरमा क्षेत्र के 29 मौजों में से 28 मौजों के रैयतों का मुआवजा भुगतान अभी किया जा रहा है।
जसीडीह से गोड्डा और महागामा होते हुए पीरपैंती तक लगभग 100 किमी लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में गोड्डा से महागामा (करीब 27.5 से 28 किमी) के बीच पटरी बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है, जिस पर 531 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
पहला चरण गोड्डा से महागामा खंड (लगभग 27.5 किमी), जिस पर निर्माण और मिट्टी भराई का कार्य जारी है। इस रूट पर नेपुरा, पथरगामा व महागामा स्टेशन बनाए जाएंगे।
इससे संताल परगना क्षेत्र सीधे मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ेगा। व्यापार व आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही भागलपुर, साहिबगंज और जसीडीह के बीच आवागमन में आसानी होगी।
साथ ही व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। गोड्डा जिले के पथरगामा, महागामा, मेहरमा आदि प्रखंड के लोग दशकों से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे थे, अब वह सपना हकीकत में बदलता दिख रहा है। आने वाले कुछ सालों में यह परियोजना पूरे इलाके की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।
समय पर रैयतों को करें मुआवजा भुगतान:
जिला सभागार में उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने रेल परियोजना के भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को समय पर रैयतों को मुआवजा भुगतान का निर्देश दिया है।
समीक्षा के दौरान भू-अर्जन की प्रगति, भूमि का हस्तांतरण, मुआवजा भुगतान, रैयतों से संबंधित लंबित मामले, सरकारी भूमि, संरचना एवं पेड़-पौधों के मुआवजे तथा विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाले अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
245.07 करोड़ में 244.45 करोड़ का भुगतान:
भू-अर्जन के लिए अब तक लगभग 245.07 करोड़ की राशि में से 244.45 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 61.64 लाख की राशि का भुगतान होना है। उपायुक्त ने लंबित राशि के भुगतान से जुड़े मामलों की नियमानुसार जांच करते हुए शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
वहीं,, महागामा-मेहरमा क्षेत्र की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कुल 29 मौजों में से 28 मौजों के अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। संबंधित रैयतों के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्राप्त मुआवजा बांड व आपत्ति आवेदनों की समीक्षा की जा रही है।
मुआवजा भुगतान को दें प्राथमिकता:
गोड्डा-महागामा क्षेत्र में 11.68 हेक्टेयर सरकारी भूमि से संबंधित प्रथम चरण के कार्यों की भी समीक्षा की गई। वहीं, महागामा-मेहरमा में लगभग 26.86 हेक्टेयर भूमि के मुआवजा भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता इंदर कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ओम प्रकाश यादव, रेलवे के पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।
परियोजना की मुख्य बातें
- कुल लंबाई: लगभग 100 किमी (पीरपैंती-जसीडीह व गोड्डा-महागामा)
- लक्ष्य: इस खंड को जल्द पूरा कर क्षेत्र को रेल मानचित्र से जोड़ना
- लाभ: स्थानीय व्यापार, कोयला परिवहन और यात्री आवागमन में सुधार
- कार्य की स्थिति: गोड्डा-महागामा के बीच पटरी बिछाने की प्रक्रिया शुरू
