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गोड्डा/रामगढ़, जेएनएन। झारखंड में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को गोड्डा में हाथी ने एक महिला को कुचल कर मार डाला। वहीं, रामगढ़ में भी हाथी ने एक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

गोड्डा के पोड़ैयाहाट में हाथी का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी ने मंगलवार की अहले सुबह चार बजे एक वृद्ध महिला रेशमा बीबी (65) को कुचल पर मार डाला। महिला शौच के लिए निकट के बहियार गई थी। घटनास्थल खरकचिया गांव है, जो हाथी की शरणस्थली सतपहाडी के निकट है। घटना के बाद डीएफओ के निर्देश पर पोड़ैयाहाट रेंजर श्रीनिवास दुबे ने मृतक के परिजन को तत्काल 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया।

उक्त हाथी बीते शुक्रवार को तीन अलग-अलग गांव में तीन लोगों को कुचल कर मार चुका है। वही, एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर चुका है। रेशमा बीबी हाथी का चौथा शिकार बनी। इससे पहले एक रोजगार सेवक सहित तीन लोगों को उक्त हाथी ने मौत की नींद सुला दिया है। बीते शुक्रवार की रात से बंगाल के बांकुड़ा से हाथी ड्राइव टीम यहां पहुंच चुकी है, लेकिन टीम को देख कर हाथी जंगलों में छिप जाता है। देर रात से अहले सुबह तक वह पहाड़ से उतर कर नीचे आता है। उसके रास्ते में जो भी आता है, उसे वह बेरहमी से मार डालता है।

डीएफओ अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार की रात आठ बजे तक हाथी के लोकेशन क्षेत्र में ड्राइव चलाया गया था। देर रात वह पहाड़ पर घनघोर जंगल में छिपा रहा लेकिन अहले सुबह उक्त हाथी ने शौच के लिए गई एक वृद्ध महिला को कुचल कर मार डाला।

डीएफओ ने कहा कि हाथी के हमले सर मारे गए सभी मृतकों के आश्रित को सरकारी प्रावधान के तहत 4-4 लाख रुपये मुआवजा के तौर पर दिए जाएंगे। अभी 25-25 हज़ार रुपये नकद दिए गए हैं, शेष राशि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। डीएफओ ने यह भी बताया कि मंगलवार की सुबह हाथी को जिले की सीमा से बाहर रामगढ़ (दुमका) की ओर ड्राइव किया गया है, लेकिन उसके फिर से आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रभावित गांवों में लोगो से खुले में शौच करने और हाथी के विचरण मार्ग के नजदीक नहीं आने का निर्देश दिया गया है। एहतियात के तौर पर पोड़ैयाहाट और सदर प्रखंड के 13 गांवों में निषेधाज्ञा भी लगाई गई है।

हाथी ने सतपहाड़ी में डाला डेरा, गांवों में लगा है कर्फ्यू 
गोड्डा में तीन लोगों को मौत के घाट उतार चुके झुंड से बिछड़े हाथी को भगाने में वन विभाग अबतक नाकाम है। उधर, प्रशासन ने हाथी के डर से 13 गांवों में निषेधाज्ञा लगा दी है। हाथी अब तक जहां तीन लोगों की जान ले चुका है वहीं कई लोगों को घायल कर चुका है। रास्ते में जो भी आता है, उसपर हाथी हमला कर देता है। घर में घुसकर भी वह कई लोगों पर हमला कर चुका है। वहीं शनिवार को तो हाथी ने हाथी भगाने आए दल पर ही हमला कर दिया था। प्रशासन का मानना है कि हाथी को देखने ग्रामीणों का मजमा लग जाता है। इसके बाद हाथी भड़क जाता है। इस कारण निषेधाज्ञा लगा मजमा लगाने से लोगों को रोका गया है।

पांचवें दिन भी हाथी सतपहाड़ी और बंधाघाट सुगनी बांध के आसपास ही डेरा डाले दिखा। इसे जिले की सीमा से बाहर निकाल कर जंगल में भेजना वन विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सोमवार को जिला वन पदाधिकारी अरविंद कुमार, रेंजर श्रीनिवास दुबे और बांकुड़ा से हाथी को भगाने के लिए आई दस सदस्यीय टीम पूरे दिन मशक्कत करती रही। इस दौरान हाथी एक बार तो वहां से हटा, लेकिन फिर दोबारा उसी जगह पर आ गया। बाकुड़ा की टीम घने जंगलों व पहाड़ी इलाकों में हाथी पर 24 घंटे निगरानी रख रही है। शनिवार की रात हाथी को भगाने के दौरान ड्राइव टीम भी बाल-बाल बची थी, क्योंकि हाथी भागते समय वापस टीम की ओर घूम गया था। रेंजर दुबे ने बताया कि अभी हाथी सतपहाड़ी में है।

भोजन और पानी की अनुकूल व्यवस्था के कारण नहीं भाग रहा हाथी
रेंजर ने बताया कि यहां हाथी को खाने के साथ पानी की व्यवस्था अनुकूल मिल गई है। इसलिए यहां से नहीं भाग रहा है। झुंड से बिछड़ जाने के कारण वह बेहद क्रोधित हो जाता है। ऐसे में जो स्थिति बन रही है उससे अगले एक दो दिन तक हाथी के यहां ही रहने की संभावना है। हमारा प्रयास है कि आबादी वाले इलाकों से इसे दूर रखा जाए। किसी प्रकार इसे जंगल की ओर भेजा जाए। जल्द अपने प्रयास में हम सफल हो जाएंगे। सतपहाड़ी के समीप से चार बार हाथी को ड्राइव किया गया लेकिन चारों बार हाथी लौटकर सतपहाड़ी की ओर आ गया है। यहां से हाथी का मूवमेंट दुमका या पाकुड़ के जंगलों की ओर हो सकता है।

प्रशिक्षित टीम हाथी को भगाने के लिए कर रही हर मशक्कत
रेंजर ने बताया कि जो टीम हाथी को भगाने की मशक्कत कर रही है वह पूरी तरह प्रशिक्षित है। हाथी भगाने में प्रयोग होने वाले सारे संसाधनों से लैस है। शुक्रवार को सदर एसडीओ संजय पीएम कुजूर ने हाथी के उत्पात को देखते हुए पोड़ैयाहाट सहित सदर प्रखंड के 13 गांवों में निषेधाज्ञा लगा दी थी। कहा था कि ग्रामीण इस इलाके में मजमा न लगाएं। इससे जानमाल के नुकसान का खतरा है। निषेधाज्ञा अभी जारी है।

रामगढ़ में हाथी ने युवक को कुचला
रामगढ़ प्रखंड के लखनपुर गांव में शशि पंडित को हाथी ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शशि गोड्डा के कुर्माचक मलहारा का रहने वाला था। मंगलवार को ही वह बहन के घर आया था। हाथी की सूचना पाकर लोगों के साथ देखने जंगल गया था। तभी उसने दौड़ा दिया, जिसमें वह शिकार हो गया। 

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Posted By: Sachin Mishra

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