जागरण टीम, गोड्डा : नगर के पुनसिया गांव निवासी सुनील कुमार मंडल की हत्या तथा उसके भाई अनिल कुमार मंडल पर जानलेवा हमला के आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गुरुवार की रात अलग-अलग ठिकाने पर छापेमारी कर दर्जनभर से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी और एसडीपीओ के मुताबिक मामला डेविल्स ग्रुप से जुड़ा है। इस हत्या का मुख्य आरोपित चंदन सहित अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शनिवार को मामले का खुलासा किया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से दो दिन पूर्व सुनील कुमार मंडल के घर पहुंचकर डेविल्स ग्रुप के मुख्य अपराधी चंदन और उसके साथियों ने चंदन की भतीजी के साथ छेड़खानी की थी। जिसका सुनील सहित उसके परिवार के लोगों ने विरोध किया था। इससे खार खाए चंदन मौके की तलाश में था। गुरुवार की रात को सुनील तथा उसके भाई अनिल पर चंदन सहित अन्य बदमाशों ने हमला कर पिटाई कर दी थी। जिसके बाद सुनील मौके पर हत्या हो गई जबकि अनिल गंभीर रूप से जख्मी हो गया। बाद में अनिल के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें चंदन, दीपक सहित दर्जनों युवकों को नामजद बनाया गया है। पुलिस को दी जानकारी के मुताबिक 10-15 युवकों की संख्या में लोगों ने उसके भाई पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया जबकि उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया था। इस घटना के बाद सुनील के स्वजन सदमे में है। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर मामले को लेकर एसपी ने शुक्रवार को नगर थाने में पुलिस अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि इससे जुड़े एक भी अपराधियों को बक्खा नहीं जाएगा।

डेविल्स ग्रुप का है अपराध से पुराना नाता

एसडीपीओ आनंद मोहन सिंह के मुताबिक सभी हत्यारोपितों के तार डेविल्स ग्रुप से जुड़े हैं। इस समूह के बदमाशों ने छह महीने पहले हटिया चौक गुलजारबाग में एक कर्मयोगी (अखबार हाकर) की हत्या कर दी थी। उस वक्त गुस्साए लोगों ने गोड्डा-महगामा सड़क को जाम कर दिया था। जहां मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को घटना के दूसरे दिन गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मिली जानकारी के मुताबिक यह समूह इलाके में मादक पदार्थ का सेवन करता है साथ ही इलाके में आवारागर्दी करता रहा है। राह चलते लोगों के साथ छेड़खानी, पिटाई तथा अन्य तरह के अपराध में समूह के लोगों का नाम आ चुका है। पुलिस इन पर पूरी तरह लगाम कसने में नाकाम साबित हुई है। इलाके के लोगों का कहना है कि इस समूह को राजनीतिक बरदहस्त प्राप्त है जिस वजह से पुलिस भी इन पर हाथ डालने से कतराती है। 

Edited By: Gautam Ojha