गोड्डा: जिले में पिछले साल भर एक भी बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं हो पायी है। सितंबर-2018 के बाद से किसी भी बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं हो पायी है। घाट बंदोबस्त नहीं होने पर जहां एक ओर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है वही दूसरी ओर अवैध कार्य में लगे बालू माफिया व चोर के साथ ही व्यवस्था से जुड़े कतिपय संरक्षक मालामाल हो रहे हैं। माफियागिरी का सिस्टम यहां विकसित हो रहा है। खुलेआम अवैध कारोबार चलने के बाद ही इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बालू जिला के लिए हॉट केक बन चुका है। साथ ही काली कमाई का स्त्रोत भी। इसकी आड़ में कई जगह अब माफियागिरी के साथ ही गुंडागर्दी हो रही है। कई बार मारपीट की घटना होने के साथ ही पुलिस भी पिट चुकी है। इस कारोबार से जुड़े लोगों की पहुंच लंबी है। कई पुलिस पदाधिकारियों के साथ बालू माफियाओं की गहरी मित्रता है। यही कारण है इलाका में डांड़े, शिवनगर, पसई, ताराटीकर,देबंधा आदि बालू घाट से बेरोकटोक बालू उठ रहा है। इसके बाद पथरगामा थाना क्षेत्र से भी लगभग प्रतिदिन लगभग 150 ट्रैक्टर बालू का अवैध रूप से खनन कर परिवहन किया जा रहा है। यहां बड़े वाहनों से भी बालू की ढुलाई होती है। दोनों थाना के बाद मुफस्सिल थाना की बारी आती है, जहां से प्रतिदिन करीब 150 ट्रैक्टर बालू का अवैध खनन व परिवहन प्रतिदिन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसमें से कई लोग बालू माफिया के हाथों कठपुतली बन गये है। तीन थाना के अलावा बसंतराय, नगर, हनवारा,महागामा में से भी अवैध खनन हो रहा है। सप्ताह भर पहले पथरगामा पुलिस को बालू माफियाओं ने पीट दिया। पुलिस की पीटाई के बाद भी बसंतराय पुलिस थाने में जब्त बालू ट्रैक्टरों को ले देकर छोड़ देती है।

विभागीय सूत्रों की माने तो बालू के अवैध खनन व परिवहन से सरकार को बीते एक वर्ष में ही करीब छह करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। घाट बंदोबस्ती होने से राजस्व का फायदा सरकार को मिल सकता था लेकिन सरकार की जगह यह फायदा अवैध कारोबारियों को मिल रहा है। इसका कुछ हिस्सा व्यवस्था से जुड़े लोगो तक पहुंच रहा है। ----------

जिलें में अबतक एक भी बालू घाट बंदोबस्त नहीं है जहां से बालू उठाव हो रहा है पूरी तरह अवैध है। अवैध खनन व परिवहन पर कार्रवाई जारी है। बड़ी संख्या में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है। घाट की बंदोबस्ती कि प्रक्रियाधीन है। साल के अंत तक बालू घाट के बंदोबस्ती होने के आसार है। पूर्व से कुछ घाट के लिए प्रकिया चल भी रही है। विभाग का प्रयास है कि घाट कि बंदोबस्ती जल्द से जल्द हो ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके।

- मेघनाथ टूडू, जिला खनन पदाधिकारी गोड्डा

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस