बसंतराय : पुलिस की दरियादिली से बालू चोरों के हौसले बुलंद हैं। बगैर किसी भय के बालू का उठाव करके अपना साम्राज्य बनाने में बालू माफिया दिन रात लगे हुए हैं। बसंतराय पुलिस ने बालू चोर के सामने एक तरह से घुटने टेक दिए हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि अब गांव के लोग पूरी रात सो नहीं पाते हैं। ट्रैक्टरों की आवाज और शोर से ग्रामीणों की नींद हराम हो रही है। बालू चोरों के सामने पुलिस तो दूर ग्रामीण भी आवाज नहीं उठा सकते हैं। पिछले सात नवंबर को बसंतराय पुलिस ने तीन ट्रैक्टरों को अवैध रूप से लदे बालू के साथ पकड़कर थाना लाया लेकिन बगैर कोई कार्रवाई के देर शाम तीनों गाड़ियों को छोड़ दिया गया। इससे न सिर्फ बसंतराय पुलिस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी बल्कि बालू माफियाओं के हौसले भी बुलंद हो गए। बसंतराय की लाइफ लाइन कही जाने वाली गेरुआ नदी के विभिन्न घाट परसिया, कोरियाना, बादे, उर्कुसिया सहित अन्य घाटों से पूरी रात बालू की तस्करी होती है। पुलिस धृतराष्ट्र तरह मूकदर्शक बनी रहती है। आम जनता का भरोसा प्रशासन से उठ रहा है। आखिर शिकायत कहां करें। झारखंड-बिहार की सीमा स्थित गेरुआ नदी में तो बिहार के दबंगों का रैकेट बालू तस्करी में सक्रिय है। बालू माफिया की मनमानी सिर चढ़ कर बोलती है। ग्रामीण अब सड़क पर उतर कर आंदोलन का मूड बना रहे हैं।

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बालू तस्करी के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। पथरगामा और बसंतराय क्षेत्र में कई प्राथमिकी दर्ज की हुई है। वहीं दर्जनों वाहनों को जब्त किया गया है। अगर थाना से जब्त वाहन को छोड़ा गया है तो इसकी जांच कर उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदित किया जाएगा।

- मेघनाथ टुडू, डीएमओ।

Posted By: Jagran

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