ठाकुरगंगटी : प्रखंड के भगैया ग्राम में सोमवार की रात पुलिस प्रशासन ने एक नाबालिग छात्रा को बालिका बधू बनने से बचा लिया। दर असल कजरैल रुंजी गांव में चैती दुर्गा पूजा में मेला के अंतिम दिन आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम को ले प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों के साथ गश्ती कर रहे थे। इस बीच किसी व्यक्ति ने बीडीओ को बताया कि निकट के गांव भगैया में एक नाबालिग छात्रा का बाल विवाह कराया जा रहा है। उसी सूचना पर बीडीओ ने बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षिका मंजू कुमारी और भगैया गांव की वार्ड नम्बर 09 की सदस्या तथा अन्य ग्रामीणों के साथ विवाह स्थल पर पहुंच गए। वहां किशोरी के परिजनों सहित ग्रामीणों को शादी की उम्र संबंधी कानून की जानकारी दी। कहा कि लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष व लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही शादी की जा सकती है। कम उम्र में शादी कराना अपराध है। अधिकारियों ने किशोरी के मैट्रिक का प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की जांच की तो पाया गया कि वहां लड़की और लड़का दोनों की उम्र कम है। इस परिस्थिति ने प्रखंड विकास पदाधिकारी ने वर-बधू के अभिभावकों से शादी नहीं करने की अपील की। अधिकारियों के इस अपील का असर हुआ और परिजनों ने शादी रोक दी।

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