गोड्डा : जिला पुलिस प्रशासन ने बीते वित्तीय वर्ष पत्थर, कोयला व बालू के अवैध खनन व परिवहन पर कार्रवाई करते हुए 51,46,000 रुपये राजस्व की उगाही की है, जो पिछले 3 वर्षों में सबसे अधिक है। यही नहीं नए साल से अब तक 14 लाख 76 रुपये के राजस्व की वसूली अवैध खनन व परिवहन पर कार्रवाई से हुई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016- 17 में अवैध खनन व परिवहन पर कार्रवाई में 3,45,017 रुपये, 2017-2018 में दो लाख 28 हजार तथा 2018 -19 में रिकार्ड 51 लाख 41 हजार रूपये के राजस्व की वसूली हुई है। अवैध कार्य करने वालों पर इस दौरान प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। अवैध खनन व परिवहन पर पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई की है। चालू वित्तीय वर्ष में शुरुआती दिनों से ही कोयला, बालू , पत्थर के अवैध खनन व परिवहन को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। बालू के अवैध खनन परिवहन की सबसे ज्यादा शिकायत : मालूम हो कि बीते वर्ष सितंबर माह में ही सभी बालू घाटों की बंदोबस्ती समाप्त हो गई है। कुछ जगह खनन विभाग व प्रशासन की ओर से बालू घाट की बंदोबस्ती का प्रयास भी किया गया लेकिन किसानों के भारी विरोध के कारण बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं हो पाई। पूर्व में जिन्होंने बालू घाटों की बंदोबस्ती ली उन्होंने नियम कानून को ताक पर रखकर खनन व परिवहन किया। इसके कारण किसानों की सिचाई सुविधा ध्वस्त हो गई व जलस्तर भी नीचे चला गया। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बालू घाट की बंदोबस्ती नहीं होने दे रहे हैं। इधर एनजीटी की रोक से भी प्रशासन के हाथ बंधे हैं। पिछले पांच महीने में पुलिस व खनन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर इस गोरखधंधा को बंद करने की कोशिश की है लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पा रही है। जिला खनन पदाधिकारी मेघनाथ टुडू ने बताया कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

छर्री व पत्थर का परिवहन भी जोरों पर : जिले में पत्थर का अवैध खनन कम होता है लेकिन साहिबगंज के मिर्जाचौकी व पाकुड़ से बड़े पैमाने पर पत्थर का अवैध रूप से परिवहन किया जाता है जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। हालांकि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है लेकिन पूरी तरह इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है वहीं कुछ क्षेत्र में कोयला का भी अवैध खनन व परिवहन हो रहा है जिस पर पुलिस अभियान चलाती रही है।

Posted By: Jagran