संवाद सहयोगी, डुमरिया : अडानी कंपनी के पक्ष में सदर प्रखंड के डुमरिया व पटवा तथा पोड़ैयाहाट प्रखंड के बसंतपुर गांव में बुधवार को रैयतों ने अलग-अलग जगहों पर बैठक की। डुमरिया के ठाकुरबाड़ी मंदिर प्रांगण में बैठक के दौरान रैयत पशुपतिनाथ झा ने कहा कि उन्होंने कंपनी को मोतिया तथा गंगटा मौजा की अपनी जमीन स्वेच्छा से दी है। उन्हें कंपनी से जिस दर की बात हुई थी उसी आधार पर राशि मिली। कंपनी के पदाधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया में पिछले दो वर्ष के दौरान कभी किसी रैयत से क्षेत्र में कोई जोर जबरदस्ती नहीं की। नेता विकास की राजनीति करें विरोध की नहीं।

पद्माकर झा ने कहा कि कंपनी के आने से गोड्डा का विकास हो रहा है। ऐसे में किसी को कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार नहीं करना चाहिए। पंचायत के उप मुखिया नवल किशोर झा ने कहा कि प्रदीप यादव विकास की राजनीति करें, विरोध की राजनीति उन पर शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि कंपनी विगत वर्षों से लगातार रैयत के अलावे के गैर रैयतों के सुख- दुख में हमेशा साथ रही है। कई बार आर्थिक मदद भी की है। सोनू झा ने कहा कि सीएसआर योजना के तहत कंपनी महिलाओं को सिलाई व कंप्यूटर का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कंबल वितरण, स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, तालाब खुदाई, मंदिर निर्माण, स्नानागार,चबूतरा आदि का निर्माण भी किया है। कंपनी के प्रति इतनी नफरत की भावना फैलाने का काम किसी को नहीं करना चाहिए। डुमरिया में सूर्य मोहन झा ने आरएंडआर के तहत मुआवजा भुगतान जल्द करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को प्रशासन के सामने रखा है। पटवा में ग्रामीण संघर्ष मोर्चा के सचिव तेजनारायण साह ने कहा कि सभी रैयत कंपनी के साथ हैं। जोर जबरदस्ती की बात कोरी कल्पना है। बैठक में मिथिलेश चौधरी ने कहा कि अगर इस मामले में राजनीति हुई तो हमलोग भी कंपनी लगाने के लिए प्रदर्शन करेंगे। बैठक में गैर रैयत भी शामिल हुए। कुंदन यादव व निकेश यादव ने कहा कि हम लोगों को रोजगार मिलेगा तो इससे किसी को कोई परेशानी क्यों हो रही है। पटवा के अलावा बसंपुर शिव मंदिर के पास भी माली मौजा के रैयतों की बैठक हुई। माली मौजा के रैयतों ने कहा कि हमलोग फिर से अपील करते हैं कि हमारे मामले में राजनीति न हो। रंजन मंडल ने कहा कि सिर्फ दो रैयतों को छोड़कर सभी रैयतों ने मुआवजा भी ले लिया है तो विरोध की बात ही कहां उठती है। अडानी कंपनी के पक्ष में रैयतों ने नारेबाजी भी की।

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