यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गिरिडीह के अंकित राज ने राज्यहित में उठाई आवाज
गिरिडीह के छात्र ने सत्र के दूसरे दिन राज्यहित में आवाज उठाई

गिरिडीह के अंकित राज ने राज्यहित में उठाई आवाज
संवाद सहयोगी, गिरिडीह : गिरिडीह महाविद्यालय अंग्रेजी आनर्स सेमेस्टर तीन के छात्र अंकित राज ने झारखंड युवा सदन में 14 से 16 मई तक रांची में झारखंड टेक्नोलाजी यूनिवर्सिटी रांची में चल रहे सत्र के दूसरे दिन रविवार को विपक्ष में रहते हुए लातेहार जिले के मनिका के विधायक के रूप में आवाज उठाकर राज्य के हित में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पक्ष की ओर से लाए गए स्टार्टअप झारखंड बिल का भी विरोध किया। कहा कि सरकार ने बस अपने फायदे के लिए इस बिल को लाया है। इसका पुरजोर विरोध वे करते हैं। बिल को किसी भी हालत में सदन में पास नहीं किया जाएगा।
अंकित ने बताया कि ये जनविरोधी नीतियों की सरकार है। इस सरकार ने इस बिल में झारखंड में मौजूद खनिज संपदा को सरंक्षण देने को जरा भी जिक्र नहीं किया। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। गिरिडीह जिले में दो कोल माइंस बंद पड़ी हैं। इससे लाखों युवा बेरोजगार हैं। उच्चतम क्वालिटी का कोयला गिरिडीह में उपलब्ध है लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण बंद पड़ी माइंस से आज भी अवैध कारोबार जारी है। इसमें सरकार भी शामिल है। धनबाद जिला देश का कोल कैपिटल है। झरिया में सर्वाधिक मात्रा में कोयला उपलब्ध है लेकिन लगातार अवैध खनन के कारण वहां की जमीन लगातार धंस रही हैं। जमीन के अंदर से आग निकल रही है जो कि बहुत ही गंभीर मुद्दा है। सरकार इस पर तुरंत पहल करे तथा झारखंड की खोई हुई चमक को पुनः स्थापित करे।
