जागरण संवाददाता, गिरिडीह : पीरटांड़ स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा की संदेहास्पद मौत शनिवार शाम को हो गई। छात्रा की मौत से स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग कटघरे में आ गया है।

बताया जाता है कि कल्याण विभाग की ओर से संचालित उक्त विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्रा मुनिया कुमारी की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हो गई। स्कूल की वार्डन आरती कुमारी ने बताया कि मुनिया ने अचानक सीने में दर्द होने की शिकायत की। इस पर उसे पीरटांड़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इधर, मुनिया के मुंह से सफेद झाग निकल रहा था। इससे कई तरह की आशंका व्यक्त की जा रही थी। छात्रा की मौत होने की सूचना मिलने पर जिला कल्याण पदाधिकारी रामेश्वर चौधरी सदर अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षिकाओं और छात्राओं ने मुनिया को सीने में दर्द होने की बात कही है। उसे तत्काल पीरटांड़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से सदर अस्पताल भेज दिया गया। सदर अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया कि मौत कैसे हुई, इसका क्या कारण है, इसका पोस्टमार्टम के बाद ही खुलासा हो पाएगा।

मृत छात्रा की बहन महेंद्र मुर्मू ने बताया कि बचपन से ही वह उसी स्कूल में पढ़ रही थी। बराबर कक्षा में प्रथम आती थी। वह पूरी तरह से स्वस्थ थी। हाल के समय में कभी भी उसकी तबीयत खराब नहीं हुई थी। आज शाम छह बजे उसके बेहोश होने की जानकारी फोन पर दी गयी। जब यहां पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी।

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टुंडी की थी मुनिया : बताया गया कि मुनिया धनबाद जिलांतर्गत टुंडी प्रखंड के जाताखूंटी गांव निवासी महेश मुर्मू की पुत्री थी। वह उक्त विद्यालय में रहकर पढ़ाई करती थी।

तीन दिन पूर्व भी एक छात्रा की बिगड़ी थी तबीयत : इस स्कूल की एक और छात्रा अमिषा सोरेन की तबीयत स्कूल में ही कुछ दिन पूर्व बिगड़ी थी। छह दिसंबर को उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया था। उस छात्रा ने भी पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। वहीं वार्डेन का कहना है कि उक्त छात्रा अपने घर चली गयी है।

Posted By: Jagran