जागरण संवाददाता, गिरिडीह : कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने तीसरी लहर की संभावना पर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया है। डीसी ने एक बैठक कर कई दिशा निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि अगर तीसरी लहर से बच्चे बीमार पड़ते हैं तो उनके स्वास्थ्य की ठीक से देखभाल हो। बच्चे जो बीमारी के नाम से नर्वस होते हैं उनका विशेष ध्यान रखा जाएगा। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा और मनोरंजन का खासा ध्यान रखा गया है। जिले के कोविड केअर सेंटर को बच्चों के हॉस्टल की शक्ल में मूर्त रूप दिया जा रहा है। कोविड वार्ड आने पर बच्चों को यह महसूस नहीं हो कि वे अस्पताल में हैं। इसके लिए कोविड सेंटर की दीवारों पर स्वास्थ्य, खेलकूद, खिलौने, पंक्षी व जानवर का चित्र बनाया जा रहा है। साथ ही छोटे-छोटे स्लोगन व मोटिवेशनल थीम्स बनाए जा रहे हैं, जिससे उसकी मनोदशा ठीक रहे। बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत रह सकें। यह पेडेट्रिक फ्रेंडली वार्ड आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र की तर्ज पर है। बच्चे प्रसन्नचित रहें व साथ ही कोविड सेंटर में नियमित बिजली, संगीत और टेलीविजन की व्यवस्था भी की जा रही है। खेलकूद के लिए कैरमबोर्ड, लूडो व चेस भी रखे जाएंगे। वहीं इन बच्चों के माता के लिए भी बच्चों के साथ अलग से बेड लगाए जाएंगे। डीसी ने बच्चों के खानपान की गुणवत्ता का भी अच्छे से ख्याल रखने का निर्देश दिया है, जिससे उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हो।

स्वच्छ बाथरूम व पेयजल का उत्तम प्रबंध: डीसी ने बाथरूम को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह बिल्कुल साफ सुथरा और उच्चस्तरीय हो। ताकि यहां बच्चों को घर सा माहौल मिल सके। आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा सके। पेयजल के लिए विशेष व्यवस्था करने को भी कहा गया है। उसे बीमारी को लेकर दिमाग में कोई जोर नहीं पड़े। जिला प्रशासन ने कोविड सेंटरों में रंग रोगन की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही नए बेड लगाए जा रहे हैं। इसके लिए कई डॉक्टर और अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

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