जागरण संवाददाता, गिरिडीह : कभी-कभी दो लोगों के पिता का नाम एक जैसा होना भी परेशानी का सबब बन जाता है। ऐसा ही परेशानी भरा मामला मंगलवार को आंबेडकर चौक से चंद कदम आगे कचहरी रोड में सामने आया। चोरी की वाहन खरीद मामले के एक आरोपित पप्पू साव को दबोचने बिहार के जमुई जिले की चकाई थाने की पुलिस दोपहर में गिरिडीह पहुंची। नगर थाने की पुलिस के सहयोग से पप्पू नामक आरोपित की तलाश में कचहरी रोड स्थित एक किराना दुकान गई। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि आरोपित के पिता का नाम भी बिजय साव ही है और कचहरी रोड का ही रहने वाला है।

ऐसे में पुलिस की टीम ने पिता का नाम बिजय साव पता लगने के बाद पप्पू की जगह उनके पुत्र सचिन को पकड़ लिया। इस क्रम में दोनों ओर से नोकझोंक भी हुई। पुलिस को यह बताने का भी प्रयास किया गया कि इसका नाम सचिन है और यहां कोई पप्पू नामक व्यक्ति नहीं रहता है। इसके बावजूद पुलिस संदेह के आधार पर सचिन को अपने कब्जे में लेकर वाहन में बिठा ली। इसके बाद भी पुलिस की टीम वहीं जमी रही और बाद में किराना दुकान के संचालक बिजय साव को भी अपने साथ थाने ले जाने लगी। इसका वहां मौजूद लोगों व स्वजनों ने विरोध किया तो सत्यापन का हवाला देते हुए पुलिस अपने साथ पिता व पुत्र को नगर थाने ले गई। यहां दोनों का सत्यापन करने के बाद थाने से ही दोनों को छोड़ दिया गया।

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