संस, जमुआ (गिरिडीह) : झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ जिला इकाई की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को पश्चिमी वन प्रमंडल में हुई। जिला मंत्री संजय कुमार महतो ने कहा कि प्रस्तावित झारखंड राज्य वनपाल संवर्ग नियमावली 2020 का विरोध झारखंड के सभी जिलों एवं राज्य स्तर पर किया जा रहा है। वनरक्षियों की नियुक्ति झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली-2014 के तहत हुई है। सेवा शर्त में साफ-साफ वर्णित है कि वनपाल के शत प्रतिशत पद प्रोन्नति के हैं एवं प्रोन्नति से भरे जाएंगे लेकिन विभाग एवं सरकार आनन फानन में वनपाल की सीधी भर्ती के लिए नए नियम बना रही है। इसका झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ जिला इकाई पुरजोर विरोध करती हैं एवं सरकार से मांग करती है कि संवर्ग नियमावली 2014 को यथावत रखा जाए। कहा कि लगभग पांच वर्षों से कार्यरत अनुभवी वनरक्षियों के हितों की रक्षा की जाए एवं अनुभवी वनरक्षियों से वनपाल के शत प्रतिशत पद पदोन्नति से भरने का मार्ग प्रशस्त किया जाए। सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि विभाग एवं सरकार हमारे हितों के विरुद्ध प्रस्तावित नियमावली को रद नहीं करती है या वापस नहीं लेती है तो वनरक्षी झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन दिसंबर से करने को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी विभाग एवं सरकार की होगी। मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रियेश कुमार विश्वकर्मा व कुमार मंगलम, कोषाध्यक्ष अमर कुमार विश्वकर्मा, प्रमंडलीय अध्यक्ष अभिमित राज, आनंद कुमार, प्रमंडलीय मंत्री सिकंदर पासवान, महेश स्वर्णकार आदि थे।

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