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ABVP नेता मंटू मुर्मू पर हमले मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग सख्त, गिरिडीह एसपी को नोटिस

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:17 PM (IST)

NCST: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने एबीवीपी नेता मंटू मुर्मू पर हुए जानलेवा हमले और जातिगत उत्पीड़न का संज्ञान लिया है।

गिरिडीह एसपी डा. विमल कुमार। (फाइल फोटो)

गिरिडीह एसपी डा. विमल कुमार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामले का संज्ञान लिया।

  2. गिरिडीह एसपी से सात दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई।

  3. जवाब न देने पर आयोग सम्मन जारी कर सकता है।

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। NCST Issues Notice to Giridih SP अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी ) के प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू पर बीते दिन हुए जानलेवा हमले, जातिगत अपमान और उत्पीड़न मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी ) ने गंभीरता से लिया है।

इसे लेकर आयोग ने गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर पूरे मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी सात दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

आयोग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि ताराटांड़ जोधपुर के निवासी मंटू मुर्मू ने 23 अगस्त 2026 को शिकायत भेजी थी। शिकायत में हमले, जातिगत अपमान और उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले का जांच/अन्वेषण करने का निर्णय लिया है। आयोग ने एसपी से आरोपों और मामले में अब तक की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना मांगी।

...तो जारी होगा जवाब सम्मन

कार्रवाई से संबंधित जवाब नहीं भेजने पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नोटिस में आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर आयोग संविधान के अनुच्छेद 338 क के तहत प्राप्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।

इसके तहत संबंधित अधिकारी को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अथवा प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किया जा सकता है।

आयोग का यह कदम मामले की गंभीरता को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब गिरिडीह पुलिस की ओर से आयोग को दी जाने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

ये है मामला

बता दें कि जेपीएससी, जेएसएससी आदि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ अभाविप की ओर से गत 21 अगस्त को गिरिडीह झंडा मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन के दौरान कथित झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंटू मुर्मू सहित अन्य छात्रों के ऊपर जानलेवा हमला किया था।