गांडेय (गिरिडीह) : गांडेय प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में गुरुवार को आदिवासी सामाजिक संगठन की बैठक हुई। इसमें सामाजिक उत्थान व समाज के विकास में बाधा बन रही विभिन्न कानूनी समस्याओं पर चर्चा की गई। लोहरदगा सामाजिक संगठन के अरविद उरांव ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में सीएनटी एक्ट कानून बना था। इसके तहत एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र में जमीन की खरीदारी नहीं हो सकती थी लेकिन वर्तमान परिस्थिति में बहुत कम दूरी पर थाना बना है। इस कारण आदिवासियों को जमीन की खरीदारी या शहर में बसने में समस्या हो रही है। इससे आदिवासियों का विस्तार नहीं हो पा रहा है। सीएनटी एक्ट में आदिवासी की जमीन की आदिवासी की ओर से खरीदारी के लिए थाना क्षेत्र की बाध्यता खत्म हो। जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए खतियान समेत अन्य कागजातों की मांग कर जटिल बना दिया जाता है। ऐसे में जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। आदिवासी लड़कियों का गैर आदिवासी से शादी करने पर उसका आरक्षण पूर्णतया रद किया जाए। इस कारण गैर आदिवासी नौकरी, चुनाव, जमीन का स्थानांतरण समेत संस्कृति पर भी हमला हो रहा है। सीएम हेमंत सोरेन से मानसून सत्र में इन सभी पर बिल लाते हुए पास करने की मांग की जाएगी। उपरोक्त मांगों को लेकर गांडेय के बीडीओ को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपने का भी निर्णय लिया गया। मांझी परगना सुसार बैसी संगठन के सचिव रमेश मुर्मू ने बताया कि आदिवासी समाज के विकास में सीएनटी एक्ट के कुछ नियम व गैर जातीय विवाह आदि बाधा बन रहे हैं। बैठक में सामाजिक संगठन के सोशन लकड़ा, कलिया हेंब्रम, गणेश हेंब्रम, रामप्रसाद टुडू, नुनूलाल मुर्मू, रामजीत मुर्मू, रुबेल टुडू, बीरुलाल सोरेन, मेंसर मुर्मू आदि शामिल थे।

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