गिरिडीह : शहर की साफ-सफाई में आकांक्षा वेस्ट मैनेजमेंट प्राईवेट लिमिटेड खरी नहीं उतर रही है। सुपरवाइजर से लेकर इसके कर्मी तक इसमें काफी लापरवाही बरत रहे हैं। आलम यह है कि 50 फीसद वार्डों में सफाई के लिए न तो वाहन पहुंच रहा है और न ही कर्मी। मंगलवार को नगर निगम के सभागार में शहर की साफ-सफाई को लेकर संपन्न कंपनी के सुपरवाइजर और कर्मियों की बैठक में यह बात सामने आई। प्रभारी मेयर प्रकाश राम ने कंपनी के कार्यों की समीक्षा की। कार्यों में लापरवाही को देखते हुए कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। देखा गया कि शहर के कई वार्डों में आकांक्षा की गाड़ी साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंच रही है। निगम क्षेत्र के 36 वार्डों में लगभग 18 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर साफ-सफाई के लिए कंपनी के कर्मी और वाहन पहुंच रहे हैं, लेकिन बाकी वार्ड साफ- सफाई से वंचित रह जा रहे हैं। इससे शहर वासी संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। बार-बार निगम में साफ-सफाई को लेकर लोगों की सूचनाएं आ रही थीं। इसको देखते हुए प्रभारी मेयर ने कर्मियों को फटकार लगाई और आठ दिनों के अंदर अपनी कार्यशैली सुधारने का निर्देश दिया। अगर फिर भी सुधार नहीं हुआ तो विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के नोडल पदाधिकारी मंजूर आलम, गौरी शंकर यादव, आकांक्षा कंपनी के सुपरवाइजर रवींद्र कुमार, शिव पूजन कुमार, अफताब, उमेश, रोहित, शमशेर रजा आदि थे।

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