जमुआ (गिरिडीह) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए बीडीओ अशोक कुमार ने कहा कि जिले का सबसे बड़ा आबादी वाला प्रखंड जमुआ है। सामुदायिक सहभागिता से ही प्रखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकेगा। इसमें डीइसी गोली खाने में कोताही नहीं बरतें बल्कि सहयोग करें। अभियान के सफल संचालन के लिए ठोस रणनीति बनाई गई। प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डा. राजेश कुमार दूबे ने कहा कि 23 से 27 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलेगा। प्रखंड भर में 234 आंगनबाड़ी केंद्रों, सीएचसी व पीएचसी को बूथ बनाया गया है। 23 से 25 अगस्त तक आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, पोषण सखी बूथ पर दो से पांच आयु वर्ग के बच्चों को एक गोली, छह से 14 आयु वर्ग के बच्चों को दो गोली व 15 से उपर आयु वर्ग के नागरिकों को तीन डीईसी का गोली खिलाएंगी। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक अल्बेंडाजोल की आधा गोली, दो से उपर को एक गोली खिलाई जाएगी। गर्भवती महिला, एक वर्ष से नीचे आयु वर्ग के बच्चों, असाध्य गंभीर बीमारी से ग्रसित नागरिकों को गोली नहीं खिलानी है। सहिया साथी, एएनएम, महिला पर्यवेक्षिका को मिलाकर इसमें 44 सुपरवाइजर कार्य कर रहे हैं। छह बूथ पर ए सुपरवाईजर अनुश्रवण करेंगे वही प्रखंड स्तर पर एक रैपिड एक्शन फोर्स इसकी निगरानी व मार्गदर्शन करेंगे। सीएचसी जमुआ मैनेजमेंट कमेटी सह बीएलटीएफ के सदस्य योगेश कुमार पांडेय ने आवश्यक सुझाव दिए गए। उक्त अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पर्यवेक्षिका रेणु यादव, यशोदा देवी, राधिका कुमारी, सीएचसी डा. बीके सिंह, बीपीएम आलोक कुमार, धर्मप्रकाश, डा. राजेश कुमार, डा. अरुण कुमार, डा. चंदन कुमार, बीटीटी राखी कुमारी, मो. कुद्दूस आलम सहित सभी एमपीडब्लू मौजूद थे।

-----------संपादन-अविनाश प्रसाद।

Edited By: Jagran