गिरिडीह : जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित अवैध उत्खन्न (कोयला, माइका, पत्थर व खनिज पदार्थ) एवं क्रशर मालिकों पर सीधे कार्रवाई करें। इस कार्रवाई के तहत पहले उत्खनन स्थल एवं क्रशर को ध्वस्त करें। किसी भी कीमत पर अवैध उत्खनन एवं व्यवसाय जिले में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी भी अंचल में इस प्रकार का कार्य चल रहा है तो उसके खिलाफ अविलंब कार्रवाई करें। यह चेतावनी उपायुक्त मनोज कुमार ने शुक्रवार को समाहरणालय में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में दी है। बैठक में आठ परिवाद का निपटारा किया गया।

उपायुक्त ने कहा कि जिले के गावां एवं तिसरी प्रखंड में संचालित अवैध माइका खदान, पत्थर एवं अन्य खनन स्थल को डोज¨रग करते हुए ध्वस्त करें। यह निर्देश वन प्रमंडल पदाधिकारी को दिया गया। साथ ही कहा गया कि इसके लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं क्रशर एवं उत्खनन में प्रयोग होनेवाले बारूद की आपूर्ति की जांच एसडीओ अपने स्तर से करें। इसके बाद प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर अगर वह भी गलत है तो इसके आधार उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिया गया कि केवल छोटे ही नहीं, जिले में संचालित बड़े उद्योगों में लगे ईएसपी की भी जांच करें कि वह प्रोपरवे में काम कर रहा है या नहीं। अगर वह काम नहीं कर रहा है। क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, इससे आमलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए उन उद्योगों के संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। क्योंकि उद्योगों से निकलनेवाले धुआं से आसपास के लोग कई प्रकार की बीमारियों से त्रस्त होना पड़ रहा है। इसके साथ ही एसडीओ एवं डीटीओ को समन्वय बनाकर ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में उपायुक्त के अलावे सदर एसडीओ विजया जाधव, सिविल सर्जन डॉ. राम रेखा प्रसाद, अपर समाहर्ता अशोक कुमार साह, डीएमओ विभूति कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी कुमार आशीष एवं जेपी केसरी, जिला परिवहन पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद, ज्ञान प्रकाश ¨मज, पवन कुमार मंडल, रवि शंकर विद्यार्थी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से चंदन कुमार आदि उपस्थित थे।

By Jagran