-कोविड गाइडलाइंस पर भारी लोगों का यह उत्साह हानिकारक है

-भीड़ जुटाने से मना करती रही पुलिस, बगैर मास्क और शारीरिक दूरी के जुटते रहे लोग जागरण संवाददाता, गिरिडीह : मकर संक्रांति के दूसरे दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बराकर में लगने वाले खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से लेकर दोपहर तक लोगों का यहां आना जारी रहा। बढ़ते संक्रमण से बचाव को लेकर प्रशासन की ओर से कई बार दबाव बनाया गया, लेकिन मेला के उत्साह के आगे प्रशासनिक दबाव कोई काम नहीं आया। लोग बराकर में स्नान करने के बाद वहां सूर्य को अ‌र्घ्य देने व मंदिरों में पूजा करने में भी लगे रहे। यहां कोरोना नियमों की धज्जियां भी उड़ती रही। - शारीरिक दूरी की उड़ रही थी धज्जियां : कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार की ओर से शारीरिक दूरी का निर्देश जारी किया गया है लेकिन बराकर में उमड़ी भीड़ पर इसका कोई असर नहीं दिखा। लोग बगैर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए यहां जमे रहे और आनंद उठाया। -उत्साह के आगे मास्क लगाना भूल गए लोग : बराकर में मकर संक्रांति के दूसरे दिन लगी भीड़ में से अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क गायब था। बच्चे से बुजुर्ग युवा से लेकर महिलाओं में से नब्बे प्रतिशत लोग बगैर मास्क के ही यहां जमे हुए थे। मुफस्सिल थाने की पुलिस ने एएसआइ प्रमोद कुमार के नेतृत्व में कई बार लोगों को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के उत्साह के आगे फेल हो गए। इस क्रम में पुलिस के साथ वहां कई लोगों की बहस भी हो गई। - कहीं हंड़िया तो कहीं डेगची में बना था मीट व खिचड़ी : बराकर में लगने वाले खिचड़ी मेले की अपनी एक अलग पहचान है। यहां वर्षों से मकर संक्रांति के मौके पर मेला लगता आया है। लोग नदी में स्नान कर मंदिर में पूजा पाठ करते हैं। इसके बाद यहां मीटयुक्त खिचड़ी बनाकर उसका स्वाद चखते हैं। - प्रसाद व फूल बेचने वाले रहे मायूस : वहां प्रसाद व फूल समेत अन्य सामग्री बेचनेवालों में मायूसी छाई रही। पंडित विष्णु प्रसाद पांडेय व लक्ष्मण पांडेय ने बताया कि वे प्रसाद व फूल बेल पत्र लेकर यहां बेचने को बैठे हैं लेकिन कोई बिक्री ही नहीं हो रही है। पुलिस के दबाव के कारण लोग थोड़ा सहम गए हैं जिस कारण मंदिर की ओर नहीं आ रहे हैं। -चंपानगर में बेरोक टोक लगा था मेला : पीरटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चंपानकर स्थित बराकर की तलहटी में भी मकर संक्रांति पर जमकर मेला लगा। कहीं शिलबट्टा तो कहीं गन्ना समेत अन्य सामानों की दुकानें सजी थीं। पुलिस प्रशासन की ओर से इस पर रोक लगाने की दिशा में यहां कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था।

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