गिरिडीह : जिले में कोरोना वायरस का प्रकोप आए दिन बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को आई स्वाबों की जांच रिपोर्ट में जिले के अलग-अलग गांवों में छह संक्रमितों की पुष्टि की गई है। एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच संक्रमित देवरी प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग गांवों तथा एक मरीज गावां प्रखंड में चिह्नित किया गया है। इन सभी संक्रमितों को जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को सतत निरानी व इलाज के लिए बरहमोरिया स्थित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती करा दिया है। साथ कंटेनमेंट जोन के रूप में चिन्हित किए गए गांवों में निषेधाज्ञा लगा दी है।

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गावां (गिरिडीह): शुक्रवार की रात एक और कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। उक्त मरीज भी प्रवासी मजदूर है और वह 12 दिन पूर्व दिल्ली से लौटा था। कोरोना मरीज के मिलते ही बीडीओ मधु कुमारी, थाना प्रभारी विजय केरकेट्टा, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविद कुमार मेडिकल टीम के साथ उक्त व्यक्ति के घर पहुंचे व कोरोना संक्रमित युवक को एंबुलेंस से गिरिडीह के आइसोलेशन सेंटर भेजा। बताया जाता है कि उक्त युवक दिल्ली के आजादपुर में रहता था। वहां से लौटने के बाद वह अपने घर में ही होम क्वारंटाइन था। वह अपनी पत्नी को मायके हरियाणा में ही छोड़कर 14 जून को अपने घर बिरने पहुंचा था। उसके बाद से अपने घर में ही था। 23 जून को उसने अपना स्वाब कोरोना जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिया था। बीडीओ ने बताया कि बिरने में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद इलाके को सील करते हुए सैनिटाइज किया गया है। साथ ही कंटेनमेंट जोन में किसी के भी आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अस्पताल के प्रभारी डॉ. अरविद कुमार ने बताया कि शुक्रवार को उक्त युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बरहमोरिया स्थित आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया। उसके संपर्क में आनेवाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। उसके परिजनों का भी सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

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कोरोना संक्रमित मिलने से आसपास के लोग सतर्क

देवरी (गिरिडीह): देवरी में बीते शुक्रवार को एक परिवार के चार सदस्यों सहित पांच व्यक्तियों की कोरोना संक्रमित रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने से आसपास के गांवों में दहशत है। रिपोर्ट मिलने के बाद शनिवार को खोरीमहुआ के अनुमंडल पदाधिकारी धीरेन्द्र कुमार सिंह, बीडीओ सुधीर कुमार, थाना के एएसआई भरत दूबे दल बल के साथ उक्त गांव पहुंचे। जहां गांव को सील कर दिया गया तो वहीं पूरे गांव में क‌र्फ्यू लगा दिया गया। बताया जाता है कि उक्त गांव के निवासी बीते 17 जून को दिल्ली से अपने घर लौटे थे। उन्होंने अपना स्वाब का सैंपल दिल्ली में ही दिया था जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार शाम को आई। एक व्यक्ति की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी। इसमें एक ही परिवार में पति, पत्नी व उनके दो बच्चे शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि पांच व्यक्तियों में चार एक ही परिवार के हैं। एक अन्य की पहचान नहीं हो पाई है। इस गांव के लोग केवल मेडिकल सुविधा के लिए ही गांव से बाहर जा पाएंगे। बाकी सुविधाएं होम डिलेवरी के माध्यम से ही उन्हें मिल जाएंगी। उक्त संक्रमितों के घर व आसपास पूरे गांव को सैनिटाइज्ड किया गया है। सभी लोगों के स्वाब की जांच की जाएगी। कहा कि गांव के लोग क‌र्फ्यू का पालन करेंगे। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस के सिन्हा ने बताया कि इनके संपर्क में आए सभी लोगों का स्वाब लेकर उसकी जांच करवाई जाएगी। खबर लिखे जाने तक कुल 77 लोगों के स्वाब का सैंपल लिया जा चुका था। मेडिकल टीम में मुख्य रूप से डॉ. कुशलकांत, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. सत्यवती हेंब्रम, बीपीएम अमित कुमार, खीरोधर मुर्मू, पी पाठक, सीरवि चौधरी, किशुन मंडल, केशव कुमार आदि मौजूद थे। बताया जाता है कि उक्त संक्रमित व्यक्ति दिल्ली से लौटने के बाद होम क्वारंटाइन में नहीं रहकर सभी जगह खुलेआम घुमे हैं। एक ने जेनरल स्टोर से सामान भी खरीदा है। बीते शुक्रवार को कैरीडीह स्थित मानकुंअर बाबा के पूजा कार्यक्रम में प्रसाद भी उनके द्वारा वितरित करने की चर्चा है जिससे संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में कई लोगों के आने की बात सामने आ रही है।

Posted By: Jagran

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