हेमंत जेल में थे, कल्पना के लिए गांडेय में संभाला था मोर्चा, अब सोनू की यादें ही शेष
Sudivya Kumar Sonu Passes Away: झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है। वे सोरेन परिवार के करीबी थे।

झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देतीं कल्पना सोरेन और पास में खड़े सुदिव्य कुमार सोनू। (फाइल फोटो)
HighLights
झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन।
कल्पना सोरेन की गांडेय उपचुनाव जीत में निभाई अहम भूमिका।
सोरेन परिवार के संकटमोचक और करीबी सहयोगी थे सोनू।
डिजिटल डेस्क, गिरिडीह। झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री और गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात निधन हो गया। उनका जाना हेमंत सोरेन सरकार और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए झटका तो है ही, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के लिए व्यक्तिगत क्षति है।

दो साल पहले जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल में थे और राजनीतिक व कानूनी झंझावतों को झेल रहे थे तो उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के लिए सोनू ने ही गिरिडीह के गांडेय में चुनावी व्यूह रचना की। गांडेय विधानसभा उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कल्पना की जीत में मदद की।
कभी मुख्यमंत्री के बड़े भाई दुर्गा सोरेन के खास थे सोनू
झामुमो नेता सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक थे। वे पहली बार झामुमो के टिकट पर 2019 और दूसरी बार 2024 में विधायक बने।
सोनू ने झामुमो के संस्थापक अध्यक्ष शिबू सोरेन के पुत्र और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बड़े भाई दुर्गा सोरेन के साथ राजनीति शुरू की। सोनू कभी दुर्गा सोरेन के खासमखास हुआ करते थे। दुर्गा सोरेन का निधन 21 मई 2009 को हुआ था। उनके निधन के बाद जब झामुमो में हेमंत सोरेन प्रभावशाली हुए तो सोनू उनके साथ हो गए।
कल्पना के लिए गांडेय में तैयार की राजनीतिक जमीन
जमीन घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद झामुमो और हेमंत सोरेन का राजनीति भंवर में फंस गया।

हेमंत सोरेन के जेल में जाने के बाद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा शुरू हुई। हालांकि मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को बनाया गया। इसके बावजूद कल्पना सोरेन को झारखंड की राजनीति में लांच किया गया। झामुमो के विधायक सरफराज अहमद को इस्तीफा दिलवा कर गांडेय में उपचुनाव कराया गया।
गिरिडीह-गांडेय में कल्पना के दौरे पर रहते थे साथ
झामुमो प्रत्याशी कल्पना सोरेन ने मई 2024 में गांडेय विधानसभा उपचुनाव लड़ा था और भाजपा के दिलीप कुमार वर्मा को 27,149 वोटों से हराया। कल्पना सोरेन के चुनाव का मोर्चा सुदिव्य कुमार सोनू ने ही संभाला था।
कल्पना सोरेन ने गांडेय विधानसभा सीट से दूसरी बार नवंबर 2024 में झारखंड विधानसभा चुनाव-2024 लड़ा। भाजपा की मुनिया देवी को पराजित किया। कल्पना जब भी गांडेय आतीं तो सोनू साये की तरह उनके साथ रहते।
मंत्री बनवाने में कल्पना की थी अहम भूमिका
झारखंड विधानसभा चुनाव-2024 में जीत के बाद नवंबर 2024 में जब हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने तो सुदिव्य कुमार सोनू को अपनी सरकार में मंत्री बनवाया। कहा जाता है कि सोनू को मंत्री बनवाने में कल्पना सोरेन की बड़ी भूमिका थी।
इस तरह से सोनू न सिर्फ हेमंत सरकार में प्रभावशाली मंत्री थे, बल्कि सोरेन परिवार के लिए भी खास थे। वे सरकार और सोरेन परिवार के हर संकट के समय संकटमोचक की भूमिका में दिखते थे।
जेपीएससी-जेएसएससी छात्र प्रोटेस्ट के दौरान भी उन्होंने संकटमोचक की भूमिका निभाई। उनका जाना झारखंड की राजनीति में झामुमो और हेमंत सरकार के लिए बड़ा झटका है।
देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 6, 2026
सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या… pic.twitter.com/rXEyPBQULo
ज़िंदगी की क्षणभंगुरता…
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) September 6, 2026
कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियाँ ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार… pic.twitter.com/CqsHItNpzR
