जागरण संवाददाता, गिरिडीह : आरईओ कार्यालय द्वारा संबंधित लोगों के काटे गए टीडीएस को आयकर विभाग में जमा नहीं करने पर आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक अभियंता से बंद कमरे में घंटों पूछताछ की। इस दौरान कागजात भी खंगाले गए। निर्देश दिया गया कि 19 सितंबर को संबंधित कागजात व भुगतान संबंधी वाउचर लेकर धनबाद कार्यालय आएं। सहायक आयुक्त संदीप गांगुली के नेतृत्व में पहुंची टीम ने करीब ढ़ाई घंटे तक पूछताछ करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की ओर से बनाए गए पुल, पुलिया एवं सड़कों के संबंध में जानकारी ली

आयकर अधिकारी करीब दो बजे शहर में विभाग के वाहन से आए, लेकिन आरईओ कार्यालय पहुंचे निजी वाहन से। टीम सीधे कार्यपालक अभियंता मनोहर कुमार के कार्यालय पहुंची। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित पुल, पुलिया एवं सड़कों से संबंधित जानकारी मांगते हुए पूछा कि जिन संवेदकों से टीडीएस की कटौती की गई है, उस राशि को विभाग में जमा किया गया या नहीं। कागजात की जानकारी लेने के साथ ही कार्यपालक अभियंता से पूछताछ करने लगे। भीड़ जुटने लगी तो आयकर अधिकारियों ने कार्यालय का दरवाजा बंद करने का निर्देश दिया। करीब दो घंटे तक जांच करने के बाद सभी वापस धनबाद निकल गए।

टीम में आयकर निरीक्षक जेजे अंसारी, जेपी चौधरी एवं सुनील चौधरी शामिल थे। उनके जाने के बाद कार्यपालक अभियंता ने बताया कि आयकर विभाग उनके विभाग पर करीब तीन करोड़ रुपये टीडीएस जमा नहीं होने की बात कर रहा था, फिर बाद में 15 लाख रुपये बकाया होने की बात कर रहा है। आयकर के लोग ही कन्फ्यूज हैं कि कितना बकाया है। इधर सूत्रों का कहना है कि यह बकाया वर्ष 2003-04 से चला आ रहा है।

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