जागरण संवाददाता, गिरिडीह: उत्पाद विभाग की टीम ने सोमवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पीपराटांड़ गांव में छापेमारी कर अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा किया है। हालांकि इस कारोबार में लगे स्थानीय ¨टकू मुर्मू व मोहलीचुंआ निवासी रूपेश साव पुलिस के आने की भनक लगते ही फरार हो गए।

उत्पाद विभाग के पुलिस अवर निरीक्षक त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि पीपराटांड़ गांव में अवैध शराब निर्माण को लेकर मिनी फैक्ट्री के संचालन की गुप्त सूचना उत्पाद अधीक्षक अवधेश कुमार को मिली। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग ने एक टीम गठित कर विशेष छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें रॉयल स्टैग के लेबल लगे बोतल में दो सौ लीटर शराब के अलावा शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामाग्रियों को जब्त किया गया। बताया कि मोहलीचुंआ के रूपेश साव ने पीपराटांड़ के ¨टकू मुर्मू के घर को किराए पर लेकर वहां शराब निर्माण की फैक्ट्री लगाई थी। इस धंधे में ¨टकू के अलावा अन्य कारोबारी के शामिल होने की भी जानकारी विभाग को मिली है। पुलिस इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद शीघ्र ही आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी अभियान चलाएगी।

छापेमारी टीम में विभाग के वैद्यनाथ उरांव, अनूप कुमार, ललित सोरेन के अलावा सशस्त्र बल व होमगार्ड के जवान शामिल थे।

जब्त की गई सामग्री: अवैध शराब फैक्ट्री से उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर शराब के अलावा अन्य सामाग्री बरामद की है। बरामद सामग्रियों में रॉयल स्टैग के लेबल लगे अलग-अलग बोतलों में दो सौ लीटर शराब, रैपर एक हजार पीस, ढ़क्कन एक हजार पीस, खाली बोतल एक हजार पीस, स्प्रिट 40 लीटर, स्पंजक लेबल एक हजार पीस व नकली शराब बनाने का रंग कैरेमल पांच लीटर शामिल है।

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