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गिरिडीह के गावां में जंगली बिरनियों का आतंक, पखवारेभर में तीन लोगों की मौत

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:44 AM (IST)

Giridih News: गिरिडीह के गावां प्रखंड में जंगली बिरनी के हमलों से एक और वृद्ध की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई है।

गिरिडीह के गांवों में बिरनियों के हमले से लोग परेशान। (प्रतीकात्मक फोटो)

गिरिडीह के गांवों में बिरनियों के हमले से लोग परेशान। (प्रतीकात्मक फोटो)

संवाद सहयोगी, गावां (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह के गावां प्रखंड में इन दिनों जंगली बिरनियों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पखवारेभर के भीतर बिरनियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग इनके डंक से घायल हुए हैं।

लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है। खेत, जंगल और आसपास के इलाकों में निकलने से लोग डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिरनियों के आतंक से बचाव के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

शनिवार की शाम बिरनी के हमले में सेरुआ निवासी 75 वर्षीय धनेश्वर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बिरनियों ने उनके पूरे शरीर पर हमला कर दिया। स्वजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए गावां सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सक डा. काजिम खान ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।

इसके बाद स्वजन उन्हें बेलाटांड़ अस्पताल ले गए, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही स्वजन में कोहराम मच गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

इससे पूर्व एक सितंबर को बिरने निवासी सरकारी शिक्षक देवेंद्र कुमार सिंह की भी जंगली बिरनी के हमले में मौत हो गई थी। इस घटना में उनके पुत्र जीवन सिंह समेत कई लोग घायल हुए थे।

सात सितंबर को सिरी निवासी 70 वर्षीय कालेश्वर यादव खेत के समीप टहनियां काट रहे थे। इसी दौरान बिरनियों ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें गावां सीएचसी से बेलाटांड़ रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक जंगली बिरनियों के हमले में प्रखंड क्षेत्र में 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। प्रतिदिन गावां सीएचसी में बिरनी के डंक से घायल करीब पांच-सात मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

लगातार हो रहे हमलों और तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से बिरनियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।