गिरिडीह में फर्जी शिक्षक का खेल! बीईईओ बोले 'हटा दिया', रजिस्टर पर रोज लग रही हाजिरी
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक सहायक अध्यापक 17 साल से फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं। शिकायत ...और पढ़ें

बिरनी में सहायक अध्यापक 17 साल से फर्जी प्रमाण पत्र पर कार्यरत।
HighLights
बिरनी में सहायक अध्यापक 17 साल से फर्जी प्रमाण पत्र पर कार्यरत।
शिकायत के 11 माह बाद भी विभाग ने नहीं की कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा का एक बड़ा मामला सामने आया है। बिरनी प्रखंड की बलिया पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय खांखिपिपर में एक सहायक अध्यापक वर्ष 2008 से फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर कार्यरत हैं, लेकिन शिकायत के 11 माह बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
खांखिपिपर गांव के ही यूनुस अंसारी ने उक्त सहायक अध्यापक के खिलाफ गत 17 अक्टूबर 2025 को जिला शिक्षा अधीक्षक, गिरिडीह को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन में फर्जी प्रमाण पत्र के साक्ष्य भी दिए है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदन दिए 11 माह बीतने वाले हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अब तक कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। जब आवेदक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगते हैं तो अधिकारियों द्वारा एक ही रटा-रटाया जवाब दिया जाता है कि जांच चल रही है।
आवेदक का सवाल है कि आखिर यह जांच कब तक चलेगी, जबकि फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत खुलासा भी हो चुका है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि विभाग ही कर चुकी है। बावजूद कार्रवाई नहीं होना यह भी प्रश्न है।
अधिकारी यह भी कहते हैं कि जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी, फिर कहते हैं कि उसे हटा दिया गया है। अधिकारियों के दो तरह के बयानों से संदेह उत्पन्न होता है और लगता है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता यूनुस अंसारी ने कहा कि एक तरफ योग्य बेरोजगार नौकरी के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे 17 साल से नौकरी की जा रही है।
यह शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। जिला के विभगिय अधिकारी से पूछते हैं तो कहते है कि गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापको पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है जांच के लिए बीईईओ को दिया गया है। बीईईओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बीईईओ से जानकारी लेते है तो कहते ही कि उक्त स्कूल के सहायक शिक्षक को हटा दिया गया है। मानदेय बंद है जांच रिपोर्ट जिला को भेज दिया गया है। फिर भी सहायक अध्यपाक स्कूल में अपना हाजरी प्रतिदिन बना रहा है।
उपायुक्त से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी सहायक अध्यापक पर प्राथमिकी दर्ज करने और अब तक भुगतान की गई राशि की वसूली की मांग की है। बीईईओ अशोक कुमार ने कहा कि एक माह से एसएआर कार्य में व्यस्त हैं। जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेजी जाएगी। वरीय पदाधिकारी के आदेशानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
