गिरिडीह में SIR सुनवाई के दाैरान बीडीओ को बंधक बनाने पर झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग सख्त, मांगी रिपोर्ट
गिरिडीह के सरिया प्रखंड में एसआइआर सुनवाई के दौरान बीडीओ को बंधक बनाने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने ...और पढ़ें

सरिया बीडीओ को कुसमाडीह पंचायत भवन में बंधक बनाने के बाद बाहर लगी लोगों की भीड़। (फोटो साैजन्य)
संवाद सहयोगी, सरिया (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड क्षेत्र के कुसमाडीह पंचायत में गुरुवार को एसआइआर की सुनवाई के दौरान ग्रामीण युवक की ओर से रिकॉर्डिंग किए जाने को लेकर हुए विवाद के बाद बीडीओ को बंधक बनाने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संज्ञान लिया है। इसे लेकर अनुमंडल प्रशासन, सरिया से इस घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
शुक्रवार को इस मामले को लेकर निर्वाचन अधिकारी सह एसडीएम संतोष गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धनंजय राम व सहायक निर्वाची पदाधिकारी के साथ बैठक कर सभी तथ्यों पर चर्चा की गई और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। घटना के बाद शुक्रवार को सरिया अनुमंडल कार्यालय में मामले की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरिया अनुमंडल पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने बताया कि घटना के कारण एसआइआर की सुनवाई की प्रक्रिया पांच घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। मामले को राज्य निर्वाचन आयोग ने भी गंभीरता से लिया है। इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। निर्वाचन संबंधी सुनवाई की प्रक्रिया में इस प्रकार का व्यवधान गंभीर विषय है और इसे न्यायिक प्रक्रिया में विघ्न डालने के समान माना जा सकता है।
अधिकारियों ने एसआइआर सुनवाई की आगे की प्रक्रिया को लेकर भी रणनीति तय की। एसडीएम ने बताया कि एसआइआर के तहत प्रत्येक पंचायत में पंचायत स्तर पर सुनवाई चल रही है। मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे दूर करने के लिए संबंधित लोगों से आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
लेकिन कुसमाडीह में हुई घटना के बाद शुक्रवार को सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी संतोष कुमार ने कुसमाडीह और चिरुवा पंचायत की एसआइआर सुनवाई प्रक्रिया पंचायत स्तर पर नहीं कराकर अंचल स्तर पर पूर्व निर्धारित तिथि पर कराने का आदेश जारी किया है। वहीं, एसआइआर से संबंधित सुनवाई व दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार गुरुवार की घटना में आवश्यक न्यायिक कदम उठाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
