खेत में असर नहीं दिखा तो भड़का किसानों का गुस्सा, नकली DAP के खिलाफ गिरिडीह में किसानों का प्रदर्शन
Giridih News: किसानों ने एक खाद दुकान पर नकली डीएपी खाद बेचने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। किसानों का ...और पढ़ें

गावां में खाद दुकान पर प्रदर्शन करते किसान। (फोटो जागरण)
HighLights
किसानों ने खाद दुकान पर नकली डीएपी बेचने का आरोप लगाया।
खेतों में उपयोग के बाद भी खाद का कोई प्रभाव नहीं दिखा।
किसानों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
संवाद सहयोगी, गावां (गिरीडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र के बगदेडीह मोड़ स्थित एक खाद दुकान पर किसानों ने नकली डीएपी बेचने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
किसानों का आरोप है कि दुकान संचालक ने उन्हें भारतीय जन उर्वरक परियोजना के नाम पर डीएपी खाद बेची, लेकिन खेतों में उपयोग करने के बाद इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा, जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया।
मंगलवार को दर्जनों किसान बगदेडीह मोड़ स्थित खाद दुकान पर पहुंचे और दुकान संचालक सुनील साव पर नकली खाद बेचने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि कुछ दिन पूर्व उन्होंने प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी डीएपी खाद करीब दो हजार रुपये प्रति बोरा की दर से खरीदी थी।
खाद का उपयोग सब्जी व अन्य फसलों में करने के बावजूद फसलों की वृद्धि पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा।
किसानों ने दावा किया कि खाद खेत में डालने के बाद भी वैसे ही पड़ी रही, जबकि सामान्य रूप से असली डीएपी मिट्टी में डालने पर कुछ ही समय में घुलने लगती है।
किसानों का आरोप है कि बगदेडीह गांव सहित आसपास के कई किसानों ने उक्त खाद का प्रयोग किया, लेकिन किसी को भी अपेक्षित लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, जब किसान शिकायत लेकर दुकान पहुंचे तो दुकान संचालक सुनील साव वहां से फरार हो गया।
हालांकि उसकी पत्नी ने किसानों को पैसे वापस करने की बात कही, लेकिन कई किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित किसानों में संजीत कुमार, सीपीएन कुमार, दिलीप वर्मा, पप्पू वर्मा, जितेंद्र वर्मा, अशोक वर्मा, रणधीर वर्मा, सिदेश्वर वर्मा आदि शामिल हैं। किसानों ने बताया कि अधिकांश लोगों ने दो-दो बोरा डीएपी खाद खरीदी थी।
किसानों ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी, गावां थाना पुलिस तथा जिला प्रशासन से खाद की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इधर, आरोपित दुकानदार ने पहले तो इस व्यवसाय से अनभिज्ञ होने और किसी प्रकार की खाद नहीं बेचने की बात कही। बाद में उन्होंने मामले की लीपा पोती करने का प्रयास किया। प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रदीप राम ने कहा कि बिना लाइसेंस वाली दुकान की जांच फूड सेफ्टी विभाग के लोग करेंगे।
