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गिरिडीह में दर्दनाक हादसा: पत्नी को बचाने में पति की मौत, दो बच्चे हुए अनाथ

By Uday Kumar Ray Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Fri, 27 Mar 2026 07:11 PM (IST)

Giridih Couple Drowns in Well: गांडेय के गोविंदपुरा गांव में बाल्टी से पानी निकालते समय पैर फिसलने से 28 वर्षीय ...और पढ़ें

दो बच्चों से सिर से उठ गया माता-पिता का साया।

दो बच्चों से सिर से उठ गया माता-पिता का साया।

HighLights

  1. पानी निकालते समय पत्नी कुएं में गिरी।

  2. बचाने कूदे पति की भी डूबकर मौत।

  3. दंपती के दो छोटे बच्चे अनाथ हुए।

संवाद सहयोगी, जागरण, गांडेय (गिरिडीह)। गांडेय थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा गांव स्थित एक पुराने कूप में गुरुवार देर शाम बाल्टी से पानी निकालने के दौरान पैर फिसलने से 28 वर्षीय पार्वती देवी गिर गई। उसे बचाने के लिए उसका पति 35 वर्षीय राजेंद्र मुर्मू ने भी कुएं में छलांग लगा दी। बचाव के लिए कुआं में लोहे का पकड़ व रस्सी नहीं लगा होने के कारण दंपती की डूबने से मौत हो गई।

ग्रामीणों को जानकारी होने पर दोनों का शव कुआं से बाहर निकाला गया। सूचना पर गांडेय थाना की पुलिस पहुंची और शवों को जब्त कर लिया। पुलिस ने शवों को शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर दपंती का शव गांव पहुंचा।

दंपती की मौत से गोविंदपुरा समेत आसपास का माहौल गमगीन हो गया। शाम तक दोनों का अंतिम संस्कार नम आंखों से कर दिया गया। मृतक के स्वजन ने बताया कि राजेंद्र मुर्मू ने अपने पुराने घर से कुछ ही दूर में एक नया घर बनाया था। नए घर में ही पति - पत्नी रहते थे। जबकि उसके माता - पिता पुराने घर में रहते थे।

नए घर से कुछ दूरी पर एक पुराना कूप है। उससे रस्सी के सहारे बाल्टी से पानी निकालकर नहाने धोने समेत घरेलू उपयोग करता था। पत्नी पार्वती देवी बाल्टी लेकर पानी लाने कुंआं के पास गई थी। पैर फिसलने के कारण वह कुआं में गिर गई।

पत्नी को बचाने के लिए राजेंद्र ने भी कुआं में छलांग लगा दी। दोनों को तैरना नहीं आता था। इससे डूबने के कारण दोनों की मौत हो गई। मृतक के पिता माखन लाल मुर्मू ने कहा कि दंपती के कुआं में डूबने की जानकारी होने पर हो हल्ला हुआ। पूरे गांव के ग्रामीण जुटे।

सूचना मिलने पर पुराने घर से वह नए घर के पास स्थित कुआं पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से दोनों को कुआं से बाहर निकाला गया। कुआं से बाहर निकालने तक दोनों की सांसें रुक चुकी थीं। बता दें कि राजेंद्र व पार्वती की शादी लगभग सात वर्ष पूर्व हुई थी। पार्वती देवी का मायका भी गोविंदपुरा गांव में ही है। उसे छह वर्ष की लड़की और चार वर्ष का लड़का है।

राजेंद्र मुर्मू आसपास के क्षेत्रों में मजदूरी करके जीविकोपार्जन करता था। घटना से परिवार में दुखों का पहाड़ टूट गया। इस घटना से हर कोई गमगीन है। इधर घटना के बाद मुखिया पति सुलेमान अंसारी, वार्ड सदस्य मो इम्तियाज, चरकु कोल आदि ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनका ढांढस बंधाया।